पंडरा फायरिंग कांड का खुलासा
Pandra firing case:
रांची। रांची के पंडरा ओपी क्षेत्र में 17 जनवरी की रात हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन बिक्री से जुड़े पैसों के विवाद को लेकर हुई इस फायरिंग मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पांडेय, आशु कुमार साहु उर्फ बबलू, जुबैर खान उर्फ अजू, संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बाबु, पप्पु साव और रोहित पांडेय के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक लोडेड देशी कट्टा, एक जिंदा गोली, एक स्कॉर्पियो वाहन, सात खाली खोखे, तीन पिलेट और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
बातचीत के दौरान शुरू हुई फायरिंग
इस पूरे मामले की जानकारी सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि कांके रिंग रोड के सुकरहुटू-मनातु क्षेत्र की लगभग तीन एकड़ जमीन को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन दोपहर में आकाश सिंह और विकास सिंह गुट की संजय पांडेय और उसके साथियों से मारपीट हुई थी। इसके बाद शाम को जमीन और पैसों के लेन-देन को लेकर दोबारा बातचीत का फैसला किया गया।
रात करीब 9 बजे पिस्का मोड़ तेल मिल गली स्थित राजधानी मान्या टावर के पास दोनों गुट तीन-तीन गाड़ियों में पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और संजय पांडेय गुट ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
तीन लोग हुए घायल
गोलीबारी में आकाश सिंह के दाहिने हाथ में गोली लगी, जबकि विकास सिंह को सीने में दो और बाएं हाथ में एक गोली लगी। वहीं दूसरे गुट के रवि यादव के बाएं हाथ में गोली लगी और चेहरे के पास छर्रा लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। आकाश सिंह और विकास सिंह का इलाज रिम्स में, जबकि रवि यादव का इलाज ऑर्किड अस्पताल में चल रहा है।
आपरेशन चलाकर पकड़े गए आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी संजय पांडेय के खिलाफ पहले से हत्या और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

