JSBCL scam in Jharkhand
रांची। झारखंड राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड (JSBCL) में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता का खुलासा हुआ है। विभाग के तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गजेंद्र कुमार सिंह ने अपने बयानों में कहा कि वर्ष 2022-23 से राज्य के राजस्व हितों की लगातार अनदेखी की जा रही थी। शराब का स्टॉक दुकानों में जमा होने के बावजूद प्लेसमेंट एजेंसियों ने न्यूनतम गारंटीड राजस्व (MGR) लक्ष्य पूरा नहीं किया।
गजेंद्र सिंह ने बताया
गजेंद्र ने बताया कि बैंक गारंटियां पहले वरिष्ठ अधिकारियों के निजी फोन पर आती थीं, जिसके बाद JSBCL पर तुरंत एग्रीमेंट करने का दबाव बनाया जाता था। Vision Hospitality Services और Marshan Innovative जैसी कंपनियों के मामले में यह प्रक्रिया भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती रही। एमआरपी से अधिक दाम पर शराब की बिक्री और ‘सेल बनाम डिपॉजिट’ में अंतर की जानकारी शीर्ष स्तर को दी गई, बावजूद इसके न तो एजेंसियों पर कार्रवाई हुई और न नई एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। इस कबूलनामे से JSBCL में प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ियों की गंभीरता उजागर हुई है।











