JPSC-2 recruitment scam
रांची। JPSC-2 नियुक्ति घोटाले की जांच अब ED करेगी। मामले में ED ने ECIR 60 अफसरों को आरोपी बनाया है। इनमें जेपीएससी के अधिकारी, सदस्य, परीक्षक और परीक्षा लेनेवाली एजेंसी के अधिकारी भी शामिल हैं। ECIR में JPSC-2 में आयोग्य परीक्षार्थियों को सफल घोषित करने में मनी लाउंड्रिंग का आरोप है। परीक्षा में हुई गड़बड़ी में मनी लाउंड्रिंग की जांच के लिए ECIR दर्ज हुई है। इसमें CBI द्वारा आरोपित सभी 60 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
परीक्षक और एजेंसी भी जांच के दायरे मे
ईडी ने गलत तरीके से लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के आरोप में 25 परीक्षकों के अलावा मैसर्स ग्लोबर इनफॉरमेटिक्स के मैनेजर को भी नामजद अभियुक्त बनाया है।
JPSC के अधिकारी भी बनाये गये अभियुक्त
ईडी द्वारा अभियुक्त बनाये गये अधिकारियों में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों का नाम भी शामिल हैं। अभियुक्त बनाये गये आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद पहले आयोग के सदस्य बनाये गये थे। इसके बाद उन्हें आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्हें अध्यक्ष बनाया गया। इस तरह वह आयोग में 29 जनवरी 2002 से 13 अप्रैल 2010 तक कार्यरत रहे। उन पर जेपीएससी कई परीक्षाओं में ग़ड़बड़ी के आरोप हैं।
ईडी ने जिन तत्कालीन परीक्षार्थियों को अभियुक्त बनाया है उसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अब ADM रैक में प्रोन्नत हो चुके है. इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा (DSP) के रूप में सफल घोषित उम्मीदवारों में से कई IPS में प्रोन्नत हो चुके है. ईडी द्वारा ECIR में अभियुक्त बनाये गये अधिकारियो के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग के आरोपों की जांच होगी.








