IAS Vinay Chaubey:
रांची। निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब उनपर एक नया केस दर्ज हुआ है। यह मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है। इस मामले में चौबे के अलावा उनकी पत्नी, ससुर, साला और साले की की पत्नी समेत 7 लोगों पर केस दर्ज हुआ है।
एसीबी रांची थाना में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। यह कांड संख्या 20/2025 है। इस मामले में एसीबी ने चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, साले की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय कुमार सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी नामजद आरोपी बनाया है।
शराब घोटाला और लैंड स्कैम में भी फंसे हैं चौबेः
इससे पहले एसीबी चौबे पर शराब घोटाला, हजारीबाग खास महाल जमीन घोटाला और हजारीबाग वन भूमि घोटाले में मामले दर्ज कर चुकी है। एसीबी ने बैंक खातों के स्टेटमेंट, निवेश के दस्तावेज, लेन-देन की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के विश्लेषण के बाद यह केस दर्ड किया है।
2.20 करोड़ की आय, 3.47 करोड़ का लेन-देनः
जांच में एसीबी ने पाया कि विनय चौबे ने सरकारी सेवा के दौरान कुल आय 2.20 करोड़ रुपए दिखाई। लेकिन उनके, परिजनों और सहयोगियों के खातों में कुल 3.47 करोड़ रुपए का लेन-देन मिला। यानी 1.27 करोड़ रुपए अधिक, जो 53% से ज्यादा आय के अनुपात से अधिक है। एसीबी का दावा है कि यह अतिरिक्त धन अवैध स्रोतों से कमाया गया।
शेल कंपनी बनाकर धन सफेद करने का आरोपः
जांच में पता चला कि चौबे ने काली कमाई छिपाने के लिए शेल कंपनी बनाई। इसमें ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है। चौबे की पत्नी को विनय सिंह की कंपनी में कर्मचारी दिखाकर वेतन व अन्य भुगतान किया गया।
जेल से बाहर आना मुश्किलः
विनय चौबे के लिए इस साल जेल से बाहर आना मुश्किल दिख रहा है। एसीबी उनके खिलाफ अब तक चार प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार चौबे को अदालत से जमानत मिली, लेकिन जमानत से पहले ही एसीबी ने हजारीबाग की खास महाल भूमि और वन भूमि घोटालों में दूसरी व तीसरी एफआईआर दर्ज कर दी। 24 नवंबर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का चौथा मामला दर्ज हुआ। तीन मामलों में सुनवाई जारी है।



