Sexual exploitation case
रांची। राजधानी रांची के लापुंग इलाके से शादी का झांसा देकर यौन शोषण का एक मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने बीएसएफ (BSF) के जवान पर आरोप लगाया है कि उसने शादी का सपना दिखाकर 7 सालों तक उसका यौन शोषण किया और अब जब शादी की बात आई, तो जान से मारने की धमकी देकर पल्ला झाड़ लिया।
दोस्ती के बाद जंगल में की जबरदस्ती
पीड़िता के मुताबिक, उसकी दोस्ती गुमला जिले के भरनो निवासी राजेश उरांव से साल 2013 में हुई थी। तब दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था। लेकिन 11 नवंबर 2018 की दीपावली की रात पीड़िता के लिए काली रात साबित हुई। आरोप है कि जब वह मेला देखकर लौट रही थी, तो सुनसान जंगल का फायदा उठाकर राजेश ने उसके साथ जबरदस्ती की। उस वक्त पीड़िता की उम्र महज 16 साल थी।
शादी का झांसा देकर 7 साल तक करता रहा शोषण
पीड़िता ने बताया कि लोक-लाज और राजेश के प्यार के वादे में आकर उसने चुप्पी साधे रखी। राजेश ने वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा। 2019 में जब उसकी नौकरी बीएसएफ में लग गई, तो युवती को लगा कि अब उसकी जिंदगी संवर जाएगी। वह जब भी छुट्टी पर आता, शादी का झांसा देकर युवती के साथ संबंध बनाता रहा। इस दौरान पीड़िता कई बार गर्भवती भी हुई, लेकिन हर बार राजेश ने शादी के बाद बच्चा रखने की बात कहकर उसे दवा खिला दी और गर्भपात करा दिया।
जब शादी की बात की, तो दिखाने लगा असली रंगः मामला तब बिगड़ा जब पीड़िता ने शादी के लिए जोर डालना शुरू किया। 13 फरवरी 2025 को आखिरी बार मिलने के बाद जब युवती ने फोन पर शादी की बात की, तो BSF जवान राजेश ने साफ मना कर दिया। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसने जान से मारने की धमकी दी और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।
थाने के काटे चक्कर, अब एसएसपी से लगाई गुहार
पीड़िता का आरोप है कि उसे प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी काफी पापड़ बेलने पड़े। महिला थाना से लेकर लापुंग थाना तक उसे दौड़ाया गया। आखिरकार कांड संख्या 30/2025 दर्ज तो हुआ, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। युवती का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और अब उसके परिवार को धमका रहा है।
पीड़िता का सवाल- “कब मिलेगा न्याय?
थक-हारकर पीड़िता ने अब रांची SSP राकेश रंजन को आवेदन देकर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उसका कहना है कि एक जवान, जिसकी जिम्मेदारी देश की रक्षा करना है, उसने एक लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दी है। अब पीड़िता को पुलिस के एक्शन का इंतजार है।
