Bokaro Land Scam:
रांची। रांची सीआईडी की विशेष कोर्ट ने तेतुलिया (बोकारो) लैंड स्कैम केस के आरोपी शैलेश सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया है। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद CID ने वारंट हासिल भी कर लिया है।
लैंड स्कैम की अहम कड़ी है शैलेश सिंहः
शैलेश सिंह तेतुलिया लैंड स्कैम के प्रमुख आरोपियों इजहार हुसैन, अख्तर हुसैन और पुनीत अग्रवाल के बीच की सबसे अहम कड़ी है। जानकारी के मुताबिक, पुनीत अग्रवाल को शैलेश सिंह से मिलवाने में एक अधिकारी के पति की ही भूमिका थी।
एक अधिकारी के पति ने कराई थी डीलः
अधिकारी के पति ने ही पुनीत अग्रवाल से शैलेश सिंह को मिलवाया था और तेतुलिया की भूमि की डील करवाई थी। इस केस में पुनीत अग्रवाल, वीर अग्रवाल और विमल अग्रवाल पर राजवीर कंस्ट्रक्शन कंपनी के जरिये तेतुलिया मौजा की उस वन भूमि के लिए उमायुष कंपनी को तीन करोड़ चालीस लाख रुपए भुगतान करने का आरोप है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर बेची गई जमीनः
बोकारो के तेतुलिया में 100 एकड़ से ज्यादा वन भूमि को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दी गई है। इसमें भू-माफिया, अंचल कर्मी और बोकारो स्टील प्लांट के अफसरों की मिली भगत है।
बोकारो स्टील ने वापस की थी जमीनः
इस जमीन को बोकारो स्टील प्लांट ने वन विभाग को वापस लौटाया था। बोकारो के सेक्टर 12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 को सीआईडी ने टेकओवर कर अपनी जांच शुरू कर दी है। इस मामले में ED भी जांच कर रही है।
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