क्या बीजेपी नेता अनिल टाइगर और पड़हा राजा के हत्यारे एक ही हैं, जानें पूरी सच्चाई

Ranjan Tiwari
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आदिवासी नेता सोमा मुंडा उर्फ पड़हा राजा की हत्या जमीन विवाद का नतीजा निकली। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शूटर अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

अनिल टाइगर और पड़हा राजा हत्याकांड

रांची। बीते कुछ दिनों से आदिवासी नेता सोमा मुंडा उर्फ पहड़ा राजा की हत्या को लेकर पूरे झारखंड में भारी जन आक्रोश देखने को मिला। इस निर्मम हत्या के बाद परिजनों, आदिवासी संगठनों और आम लोगों ने सड़कों पर उतरकर हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। घटना की गंभीरता को देखते हुए खूंटी पुलिस पूरी तरह सतर्क हुई और हत्या के कारणों व दोषियों की तलाश में जुट गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि सोमा मुंडा की हत्या 3.6 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद का नतीजा है। इस मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या को अंजाम देने वाले शूटर अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

कितने आरोपी हुए गिरफ्तार ? 

गिरफ्तार आरोपियों में खूंटी जिले के बाहा मुंडा, देवा पाहन, अनिश मुंडा, रविया पाहन, रमेश्वर संगा उर्फ रमेश, पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित और रांची के किशोरगंज निवासी देवव्रत नाथ शाहदेव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की साजिश देवव्रत नाथ शाहदेव ने रची थी। बता दे देवव्रत पहले भी बीजेपी नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में आरोपी रह चुका है, जिसमें जमीन विवाद ही हत्या की वजह बनी थी।देवव्रत नाथ शाहदेव रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र के किशोरगंज में रहता है। 

क्या है मामला ?

गौरतलब है कि 5 दिन पहले 7 नवंबर को पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।जिसके बाद हत्या के विरोध में उसके दूसरे दिन खूंटी बंद कर दिया गया।जिसमें पक्ष-विपक्ष के कई नेता शामिल हुए। हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

एसपी मनीष टोप्पो ने मीडिया से क्या कहा ? 

इस मामले को खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने मीडिया को बताया कि इस घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था। उन्होंने आगे कहा  कि हत्या के अगले दिन 8 जनवरी को खूंटी थाना में कांड संख्या 03/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सेल, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि जमीन विवाद में सोमा मुंडा उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन रहे थे, इसी कारण उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।

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