Kairav Gandhi case
जमशेदपुर। जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पॉश इलाके सीएच एरिया निवासी उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के लापता हुए चार दिन यानी 96 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है। समय बीतने के साथ पुलिस की जांच का रुख अब स्पष्ट रूप से अपहरण की आशंका की ओर बढ़ गया है।
अब तक अपहरण की पुष्टि नहीं
हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपहरण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस दिशा में गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जिस संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन से कैरव को ले जाए जाने की बात सामने आ रही है, वह अब तक बरामद नहीं हो सका है।
CCTV में संदिग्ध स्कॉर्पियो
पुलिस द्वारा घर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन कैमरे में कैद हुआ है। चर्चा है कि उस वाहन पर पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था, हालांकि यह किसका वाहन है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसे लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सात संदिग्ध हिरासत में
कैरव गांधी की तलाश और संभावित अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी तेज कर दी है। अब तक सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले में यह भी जांच कर रही है कि अपहरणकर्ताओं को किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद तो नहीं मिली।
हर एंगल से जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और सभी संभावित तकनीकी व मानवीय इनपुट खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस सुराग या अहम सफलता हाथ लगेगी।







