रेलवे ट्रैक और सड़क किया जाम
जमशेदपुर। झारखंड में आदिवासी सामाजिक संगठनो ने संथाली भाषा का ओलचिकी लिपि में पुस्तकों का मुद्रण करने। इसी भाषा में पठन-पाठन आरंभ करने। संथाली शिक्षकों की बहाली करने और संथाली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने सहित कई मांगों को लेकर मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया है। इनकी मांग ये भी है कि अलग से संथाली अकादमी का गठन किया जाए।
रेलवे ट्रैक जाम
संगठन ओलचिकि हूल बैसी के कार्यकर्ता ने कई जगहों पर नेशनल और स्टेट हाइवे को बंद कर दिया है। जमशेदपुर में इसका सर्वाधिक असर दिखा। बंद समर्थकों ने सबसे पहले सुंदरनगर में टाटा चाइबासा रॉड को बंद किया। बीच सड़क पर टायर जला दिये और बांस से सड़क की बैरिकेडिंग कर दी है । बंदी के दौरान मंगलवार सुबह करीब 9: बजे हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक हथियार से लैस होकर ढोल धमसा नगाड़ा के साथ चिरूगोड़ा रेलवे हाल्ट के समीप रेलवे ट्रैक पर आ गया तथा पूरी तरह से रेलवे ट्रैक को (रैल लाइन) जाम कर दिया।
सड़क मार्ग भी कई जगहों पर किया जाम
इसके साथ ही एनएच 18 सड़क चिरुगोड़ा के समीप सड़क के ऊपर टायर जलाकर तथा सड़क के ऊपर बांस रख कर हजारों कार्यकर्ता पारंपरिक हथियारों से लैस होकर सड़क का आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया गया। जाम इतना जबरदस्त था कि कोई भी बाइक को भी नहीं छोड़ा जा रहा था। छोटे-छोटे बच्चे के साथ कोई बाइक सवार सड़क के ऊपर जाम में फंसे हुए है। इस दौरान बंद करा रहे थे लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं। जाम स्थल पर जाम हटाने के लिए काफी संख्या में रेलवे पुलिस स्थानीय प्रशासन भी पहुंचे हुए हैं।







