Jharkhand pharmacists registration: झारखंड के 2500 फार्मासिस्टों का रजिस्ट्रेशन खतरे में, 15 दिन में जवाब नहीं तो रद्द होगा पंजीकरण

Anjali Kumari
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Jharkhand pharmacists registration

रांची। झारखंड में करीब 2500 फार्मासिस्टों का पंजीकरण खतरे में पड़ गया है। झारखंड फार्मेसी काउंसिल ने पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी और सत्यापन नहीं होने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। बता दें काउंसिल ने संबंधित फार्मासिस्टों को 15 दिनों के भीतर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का नोटिस जारी किया है। तय समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।

दस्तावेज सत्यापन में मिली अनियमितता

फार्मेसी काउंसिल के अनुसार, कई फार्मासिस्टों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज और पंजीकरण विवरण में विसंगतियां पाई गई हैं। कुछ मामलों में रिकॉर्ड अधूरे हैं, जबकि कुछ में समय पर सत्यापन नहीं कराया गया है। इसी वजह से काउंसिल ने सामूहिक रूप से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

15 दिन का अंतिम मौका

काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर संबंधित फार्मासिस्टों को अपना पक्ष रखना होगा और मांगे गए सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर नियमों के तहत उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा, जिससे वे राज्य में फार्मासिस्ट के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर

यदि बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों का पंजीकरण रद्द होता है, तो इसका असर दवा दुकानों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। हालांकि काउंसिल का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और केवल योग्य व वैध फार्मासिस्टों को ही पंजीकरण देना है।

काउंसिल की अपील

झारखंड फार्मेसी काउंसिल ने सभी संबंधित फार्मासिस्टों से अपील की है कि वे समय रहते अपना जवाब और दस्तावेज जमा करें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके। काउंसिल ने यह भी संकेत दिया है कि आगे भी पंजीकरण की सघन जांच जारी रहेगी।

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