Jharkhand funds stuck Centre
रांची। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत मिलने वाली राशि को लेकर झारखंड और केंद्र सरकार के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तें पूरी कर दी गई हैं, इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1385 करोड़ रुपये अब तक जारी नहीं किए गए हैं। यह राशि राज्य की पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दी जानी थी।
15वें वित्त आयोग की शर्तें की गईं पूरी
केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसित राशि जारी करने के लिए चार प्रमुख शर्तें रखी थीं। इनमें वर्ष 2023-24 में मिली राशि से जुड़ी सामान्य शर्तों पर सहमति, वर्ष 2021-22 का ऑडिट पूरा कराना, राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं को विधानसभा में प्रस्तुत करना और पंचायतों को सूद की राशि हस्तांतरित करने से संबंधित शर्तें शामिल थीं।
राज्य सरकार ने इन सभी शर्तों को पूरा करते हुए संबंधित दस्तावेज और पंचायतों को दी गई राशि का विस्तृत ब्योरा केंद्र को भेज दिया है।
केंद्र से आश्वासन, लेकिन राशि अब तक लंबित
राज्य सरकार द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने संकेत दिया था कि 2024-25 की 1385 करोड़ रुपये की राशि जल्द जारी की जाएगी, लेकिन दिसंबर 2025 तक यह राशि झारखंड को नहीं मिली है। इसके कारण पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
2025-26 के लिए भी मिलनी है राशि
नियमों के अनुसार, शर्तें पूरी होने पर झारखंड को 2025-26 के लिए 1351 करोड़ रुपये भी केंद्र से मिलने हैं। दोनों वित्तीय वर्षों की राशि अब तक लंबित रहने से राज्य सरकार की वित्तीय योजना पर दबाव बढ़ गया है।
राज्य सरकार पंचायतों को देगी 1354.35 करोड़
इस बीच, राज्य सरकार ने पांचवें राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत पंचायतों को कुल 1354.35 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। इसके लिए पंचायतों के खाते खोले जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 685.02 करोड़ रुपये और 2025-26 में 669.33 करोड़ रुपये पंचायतों को दिए जाएंगे।
पंचायती विकास पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र से समय पर राशि जारी नहीं हुई, तो पंचायतों के विकास कार्य और ग्रामीण योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। राज्य सरकार लगातार केंद्र से राशि जारी करने की मांग कर रही है।

