USIL electricity rate hike
जमशेदपुर। जमशेदपुर के आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में आयोजित जन सुनवाई के दौरान टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (USIL) के बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का मुद्दा गरमाया रहा। कंपनी ने बिजली शुल्क में करीब 17 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, जिस पर उपभोक्ताओं और उद्यमियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। जन सुनवाई झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन ने की।
कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार
कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार फिक्स्ड चार्ज में 10 रुपये से 115 रुपये तक बढ़ोतरी और एनर्जी चार्ज में 60 पैसे से 1.05 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। साथ ही कुछ श्रेणियों में मामूली कटौती और बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती मांग, भूमिगत केबल क्षति, ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार जैसी चुनौतियों के कारण अतिरिक्त निवेश की जरूरत है। USIL के मुताबिक फिलहाल उसके लगभग 7,500 से अधिक उपभोक्ता हैं और अगले पांच वर्षों में उपभोक्ता संख्या दोगुनी होने की संभावना है। इस अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए करीब 935 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता बताई गई है।
उपभोक्ताओं का आरोप
जन सुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिजली क्षमता बढ़ाने में देरी हो रही है और इंस्टालेशन चार्ज में पारदर्शिता की कमी है। छोटे उद्योगों और व्यवसायियों का कहना है कि 17 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी से उनकी लागत बढ़ेगी और उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई उद्यमियों ने यह भी कहा कि नए कनेक्शन और सेवा से जुड़ी प्रक्रियाएं धीमी हैं, जिससे उन्हें बार-बार कंपनी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अंतिम टैरिफ वृद्धि ऑडिट रिपोर्ट और निर्धारित नियमों के तहत तय होगी
आयोग के विधिक सदस्य ने स्पष्ट किया कि अंतिम टैरिफ वृद्धि ऑडिट रिपोर्ट और निर्धारित नियमों के तहत ही तय होगी, ताकि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार न पड़े। वहीं, चेयरमैन ने कंपनी को ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस कम करने और रेवेन्यू गैप नियंत्रित रखने की सलाह दी। जन सुनवाई के बाद अब सभी सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा कर नियामक आयोग अंतिम फैसला लेगा, जिस पर उपभोक्ताओं और उद्योग जगत की नजर बनी हुई है।












