Fake job scam busted:
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में फर्जी नौकरी मामले का भंडाफोड़ हुआ है। यहां युवाओं से 25-25 हजार रुपये की वसूली की जा रही थी। साथ ही युवाओं को यहां बंधक बना कर रखा गया है। पुलिस ने ऐसे 179 युवाओं को इनके चुंगल से मुक्त कराया है। इनमें दूसरे राज्यों के युवा भी शामिल हैं।
पूर्वी सिंहभूम ग्रामीण पुलिस ने नौकरी के नाम पर हो रहे बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए 179 युवक-युवतियों को मुक्त कराया है। इस दौरान फर्जी कंपनी से जुड़े चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना समेत कई आरोपी अब भी फरार हैं।
बेरोजगार युवाओं से वसूले जा रहे 25 हजार रुपयेः
दरअसल, जमशेदपुर के रुरल एसपी ऋषभ गर्ग को मिली गुप्त सूचना पर घाटशिला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने घाटशिला, बाना और मउभंडार ओपी क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की। जांच में सामने आया कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर 25,000 रुपये वसूले जा रहे थे। उन्हें नेटवर्क में जोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता था, घर जाने नहीं दिया जाता था और मारपीट कर प्रताड़ित भी किया जा रहा था।
कई राज्यों के युवाओं को फंसा कर रखा थाः
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि एमएस रिया एंटरप्राइजेस, लालडीह दहीगोड़ा नामक कंपनी ने विभिन्न राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा) से आये युवाओं को किराये के मकानों में ठहराकर नौकरी के नाम पर फंसा रखा था। इनमें कुल 179 युवक-युवतियां शामिल थे। सभी को मुक्त कर उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गिरफ्तार आरोपी और फरार सरगनाः
पुलिस ने मौके से तीन युवकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, जो कंपनी के कार्यालय में कार्यरत थे। इनके अलावा एक व्यक्ति को पकड़ा गया जो युवकों के साथ मारपीट करता था। गिरफ्तार आरोपियों में गोविंदपुर का रोमेन्ट कुमार (28), डोमचाच का मोहन कुमार राणा, वैशाली का शिवम कुमार सिंह और कुलदीप सिंह (34) शामिल हैं।
कंपनी के सारे दस्तावेज जब्तः
पुलिस ने फर्जी कंपनी के सभी दस्तावेज जप्त कर कार्यालय को सील कर दिया है। वहीं, कांड के मुख्य सरगना राजू यादव, सुनिल यादव, राहुल रंजन, अनिल, रवि चौहान और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी है।
दूसरी कंपनियों पर भी कार्रवाईः
इसी बीच, पुलिस ने एक अन्य कंपनी “Royal Health India” से जुड़े 150 से अधिक युवक-युवतियों के घरों पर भी छापेमारी की। बताया गया कि यहां भी युवाओं को बेहतर वेतन और नौकरी का झांसा देकर रकम वसूली जाती थी। एक माह पूर्व इस कंपनी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई थी, जब एक युवक से 25,000 रुपये लेकर उसके साथ मारपीट की गई थी।
पुलिस की छापेमारी जारीः
जमशेदपुर ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के नाम पर प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है। इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर युवाओं को सुरक्षित घर भेजा जा रहा है। सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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