Mission Karmayogi Training Scheme:
रांची। केंद्र सरकार के मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण योजना के तहत राज्य सरकार के प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को अब छह ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा। ट्रेनिंग लेने के बाद इसके बारे में अपनी गोपनीय चारित्री में समावेश करना होगा।
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त और उपायुक्तों को पत्र लिख कर आवश्यक जानकारी दी है। उसमें उन्हें कर्मियों की गोपनीय अभियुक्ति में ट्रेनिंग पास होने की जानकारी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
टीम भावना और वर्क कल्चर विकसित करना है उद्देश्यः
इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों-अधिकारियों में टीम भावना, वर्क कल्चर, वाक पटुता, संवाद कुशलता विकसित करना है। जानकारी के अनुसार इसके लिए कर्मियों को iGOT पोर्टल पर जाना होगा। वहां उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा। फिर पोर्टल में दर्जन ट्रेनिंग प्रोग्राम से अपने लिए सलेक्ट करना होगा।
उस ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े क्लास करने होंगे। फिर पोर्टल पर ही उन्हें सवालों के जवाब देने पड़ेंगे। सवाल का सही जवाब देने के बाद उन्हें उस मॉड्युल का प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने का सर्टिफिकेट मिलेगा। उसे फिर उन्हें अपनी गोपनीय चारित्री में दर्ज कराना होगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गोपनीय चारित्री में दर्ज नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।
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