क्या देवेंद्र फणवीस बनने जा रहे महाराष्ट्र के नये CM

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-maharashtra में एक बार फिर CM बदलने के आसार, जानिये कैसे और क्या होगा

मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी समीकरण 2 जुलाई को एक बार फिर पलट गए। NCP नेता अजित पवार ने चाचा शरद पवार का दूसरी बार साथ छोड़ा और 8 सीनियर विधायकों के साथ NDA सरकार में शामिल हो गए। सब कुछ सिर्फ एक घंटे में हुआ। NDA ने जितनी तेजी अजित पवार और उनके विधायकों को मंत्री बनाने में दिखाई, उतनी ही रफ्तार से अजित पवार को NCP से अलग किया गया। आनन फानन में सबका शपथ ग्रहण भी हो गया।

मौके पर CM एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फणनवीस ने मोर्चा संभाले रखा। विश्वस्त सूत्रों की मानें, तो अजित पवार को सरकार में शामिल करने का फैसला सिर्फ दो दिन पहले लिया गया। इसकी शुरुआत 28 जून से हुई। दिल्ली में NCP की कार्यकारिणी की बैठक हुई, तो मंच पर लगे पोस्टर में अजीत पवार गायब थे। इससे अजित पवार नाराज थे।

इसी नाराजगी को BJP ने भुनाया और दो दिन पहले ही एकनाथ शिंदे को सबसे असफल CM बताने वाले अजित पवार को सरकार में शामिल होने का ऑफर दे दिया। अजित पवार ने आसानी से ऑफर स्वीकार कर लिया। अजित पवार को सरकार में शामिल करने में देवेंद्र फडणवीस का बड़ा रोल रहा। चर्चा है कि कार्यकारिणी बैठक में शामिल होने पहुंचे अजित पवार दिल्ली में BJP के एक बड़े नेता से गुपचुप ढंग से मिले थे।

अजित पवार और उनका खेमा सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज था। उन्होंने भी अजित पवार पर पार्टी से अलग होने का दबाव बना रखा था। इधर, सत्ता में वापसी और एकनाथ शिंदे को साथ लेने के बावजूद BJP उपचुनावों में अच्छा परफॉर्म नहीं कर पा रही है।’

BJP मान रही है कि लोग सरकार से खुश नहीं हैं। यही वजह है कि आगामी चुनाव से एक साल पहले BJP ने ये बड़ा एक्सपेरिमेंट किया है।  BJP ने अजित पवार को अपने साथ मिलाकर NCP के कोर वोटर्स को कन्फ्यूज कर दिया है। उधर, शिंदे सरकार पर भी संकट के बादल गहरा रहे हैं। शिंदे गुट के 16 विधायकों को अयोग्य करार देने पर फैसला आने वाला है।

माना जा रहा है कि ये फैसला शिंदे गुट के खिलाफ हो सकता है। ‘इसके बाद शिंदे गुट के बचे हुए यानी 40 विधायकों की सदस्यता भी रद्द हो सकती है। इससे मौजूदा सरकार अल्पमत में आ जाएगी और महाराष्ट्र में फिर से बड़ा बदलाव हो सकता है। इससे बचने के लिए BJP ने हड़बड़ी दिखाते हुए अजित पवार को सरकार में शामिल किया। अजित पवार का दावा हैं कि उनके साथ 40 विधायक हैं।’ इस बात की पुष्टि तो सजय राउत भी कल ही कर चुके हैं।

माना जा रहा है कि ‘अगले 8 से 10 दिन में महाराष्ट्र में फिर से एक शपथ ग्रहण होगा। इससे पहले एकनाथ शिंदे CM पद से इस्तीफा दे देंगे और देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं। शिंदे गुट का राजनीतिक अस्तित्व जल्द ही खत्म हो जाएगा।’

BJP चाहती है कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी BMC पर उसका कब्जा रहे। यहां उद्धव गुट के पास बहुमत है। अजित पवार या NCP के आने से दोनों गुट और मजबूत हो जाएंगे और BMC पर NDA का कब्जा हो सकेगा।’ और यह सब हो रहा है शिंदे गुट की सहमति से। क्योंकि बिना उनके BJP इतना बड़ा रिस्क नहीं ले सकती थी।

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