देश में चली पहली वाटर मेट्रो

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10 द्वीपों को जोड़ेगी, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

तिरुवंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केरल के कोच्चि में भारत की पहली वाटर मेट्रो की शुरुआत की। इस प्रोजेक्ट की कॉस्ट 1,137 करोड़ रुपए है। वाटर मेट्रो कोच्चि में और उसके आसपास के 10 द्वीपों को जोड़ेगी। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने इन बोट्स का निर्माण किया है।

8 बोट से हुई शुरुआत, 78 और लांच होंगी

अभी इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में 8 बोट से शुरुआत की गई है। पूरा प्रोजेक्ट कम्प्लीट होने के बाद 78 फास्ट, इलेक्ट्रिकली प्रोपेल्ड हाइब्रिड बोट चलाई जाएंगीं। इससे पॉल्यूशन कम करने में मदद मिलेगी और कोच्चि झील के किनारे बसे परिवारों का मेन मार्केट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। वाटर मेट्रो से द्वीप पर रहने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।

मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट

मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि कोच्चि वाटर मेट्रो का प्रोजेक्ट भी ‘मेड इन इंडिया’ है, यूनीक है। वाटर मेट्रो से कोच्चि के इर्द-गिर्द अनेक द्वीपों पर रहने वाले लोगों को सस्ता और आधुनिक ट्रांसपोर्ट मिलेगा। केरल में हो रहा यह प्रयोग देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बनेगा।

ये बोट्स पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड है। इसकी बड़ी खिड़कियों से पैसेंजर बाहर के नजारें देख सकते हैं। इंटीरियर को भी मेट्रो ट्रैवलर्स को बेहतरीन सर्विस देने के लिए डिजाइन किया गया है।

केरल की पहली वंदेभारत ट्रेन शुरू

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। मोदी ने तिरुवनंतपुरम में डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला रखी और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

PM सबसे पहले सुबह 11 बजे तिरुवनंतपुरम स्टेशन पहुंचे और तिरुवनंतपुरम-कासरगोड के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को विदा किया।

यह ट्रेन तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जैसे 11 जिलों को कवर करेगी। PM ने डिंडीगुल-पलानी-पलक्कड़ सेक्शन के रेल इलेक्ट्रिफिकेशन का भी उद्घाटन किया।

इसके बाद उन्होंने तिरुवनंतपुरम में देश के पहले डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला रखी। यह प्रोजेक्ट कुल 1515 करोड़ का है। पहले फेज में इसमें 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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