रांची : डुमरी उपचुनाव में इंडिया की प्रत्याशी बेबी देवी ने बाजी मार ली है। 24वें राउंड की मतगणना के बाद बेबी देवी ने एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी को 17153 मतों से हरा दिया। चुनाव में बेबी देवी को 100317 मत मिले वहीं यशोदा देवी को 83164 मत मिले। एआइएमआइएम उम्मीदवार को 3472 वोट मिले।
जीत के साथ झामुमो के दफ्तर में पार्टी कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। कार्यकर्ता जश्न की तैयारी में जुट गए हैं।
डुमरी उपचुनाव में सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू हुई और उसके बाद से रुझान भी सामने आने लगे थे। मुख्य मुकाबला इंडिया की प्रत्याशी बेबी देवी और एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी के बीच रहा। उपचुनाव में पहले राउंड में एनडीए प्रत्याशी बेबी देवी आगे थीं। पर दूसरे राउंड में एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी आगे निकल गयीं।
तीसरे राउंड में बेबी देवी आगे थीं और यशोदा देवी पीछे। चौथे राउंड में भी बेबी देवी की लीड बरकरार रही। पांचवें राउंड में एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी का पलड़ा भारी हो गया और वह बेबी देवी से 1130 मतों से आगे चलने लगीं। पांचवें राउंड से 14वें राउंड तक यशोदा देवी का पलड़ा भारी रहा। हालांकि पंद्रहवें राउंड में इंडिया प्रत्याशी बेबी देवी ने यशोदा देवी को पछाड़ दिया और आगे बढ़ती चलीं गयीं।
20वें राउंड में वे यशोदा देवी से 10505 मतों से आगे निकल गयीं। इतनी लीड हासिल करने के बाद वे अपने समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पहुंची जहां उनके समर्थकों ने बेबी देवी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। 21 वें राउंड में इंडिया प्रत्याशी बेबी देवी 11453 मतों से आगे निकल गयीं। 22 वें राउंड में बेबी देवी एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी से 15873 मतों की लीड ले चुकी थीं और उनके समर्थक जीत को लेकर आश्वस्त हो चले थे।
काम आयी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डुमरी उपचुनाव को इंडिया ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिष्ठा इस सीट पर दांव पर लगी थी। इसलिए इस सीट पर चुनाव प्रचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सबसे पहले विधायक बने बिना ही उन्होंने बेबी देवी को मंत्री बनाकर उनका कद ऊंचा कर दिया। एनडीए ने अपना प्रत्याशी घोषित करने में समय लगाया। इसका भी फायदा इंडिया गठबंधन को मिला। उपचुनाव को एआइएमआइएम ने त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश की लेकिन डुमरी के मतदाताओं ने उनका साथ नहीं दिया।
पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद सहानुभूति की लहर पर सवार बेबी देवी की नैया इंडिया के नेताओं की एकजुटता से पार लग गयी। एनडीए के नेताओं ने यशोदा देवी को जिताने के लिए पूरी कोशिश की लेकिन भाजपा के वोट आजसू को ट्रांसफर नहीं हुए। उपचुनाव में इंडिया की ओर से जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और बन्ना गुप्ता सरीखे नेताओं ने चुनाव प्रचार में पसीना बहाया था, वहीं एनडीए की ओर से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास सरीखे नेता वोटरों को एनडीए के पक्ष में वोट करने की अपील की थी। डुमरी में पक्ष हो या विपक्ष दोनों दलों के नेताओं ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी।








