जमशेदपुर। जमशेदपुर पुलिस ने कुख्यात विकास तिवारी और उसके गुर्गों की शहर की सड़कों पर परेड करा दी।
मानगो थाना क्षेत्र के दाईगुटु कृष्ण रोड में हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास तिवारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास का साथी प्रिंस सिंह, जुगसलाई निवासी संजर अहमद उर्फ आरजू, सागर प्रसाद और अंकित कुमार ठाकुर उर्फ गोलू शामिल है।
वहीं, विकास का भाई शुभम और अतुल समेत दो अन्य अब तक फरार हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक देसी कट्टा, दो जिंदा गोली, एक हॉकी स्टिक और घटना में प्रयुक्त कार बरामद किया है।
एसएसपी किशोर कौशल के अनुसार 12 फरवरी की शाम दाई गुटु में दो पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग की गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।
पुलिस ने आरोपियों को एनएच से उस वक्त गिरफ्तार किया जब सभी शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए मारपीट की बात स्वीकार की।
एसएसपी ने बताया कि घटना में घायल अनिल और शंकर के बच्चों के बीच 10 फरवरी को किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
इसी बात को लेकर विकास तिवारी ने क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने को लेकर अनिल और शंकर के साथ मारपीट की और हवाई फायरिंग की।
बता दें कि विकास तिवारी के खिलाफ 20 आपराधिक मामले दर्ज है। वह छोटू पंडित हत्याकांड में सजायाफ्ता भी है। फिलहाल अपील बेल पर बाहर है।
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के पहले शहर की सड़कों पर पैदल चलाया। सभी के हाथों में हथकड़ी बांधकर पुलिस ने एमजीएम अस्पताल से लेकर जमशेदपुर न्यायालय तक पैदल ले गई।
पुलिस का कहना था कि उनकी गाड़ी खराब हो गई थी। इसके कारण सभी को पैदल ही न्यायालय के जाया गया।
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