रांची। झारखंड सरकार के पूर्व ग्रामीण विकास विभाग मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीएस संजीव लाल और संजीव के नौकर जहांगीर आलम के खिलाफ ईडी ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दिया है।
तीनों आरोपियों पर चार्जशीट के साथ ही उनकी 4 करोड़ की अचल संपत्ति भी अस्थायी तौर पर जब्त की गई है।
जो संपत्ति जब्त की गई है, उसमें पूर्व मंत्री के पीएस संजीव लाल के द्वारा बरियातू में खरीदा गया दो हजार स्क्वायर फीट का मकान, पत्नी रीता लाल के नाम पर पुंदाग में खरीदी गई 8.60 डिसमिल जमीन और जहांगीर आलम के द्वारा खरीदे गया 50 लाख का फ्लैट शामिल हैं।
3000 करोड़ कमीशन लेने का आरोप
ग्रामीण विकास विभाग में ठेकों के आवंटन में कमीशनखोरी के मामले में ईडी का दावा है कि करीब 3000 करोड़ की कमीशन ली गई है।
ईडी ने कोर्ट में दायर अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को चार्जशीटेड किया गया है।
6, 7 और आठ मई को अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को कुल 37.54 करोड़ रुपये मिले थे।
जबकि, 6 मई को संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के यहां से 32.20 करोड़ रुपये मिले थे। ईडी ने संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर आलम को छह मई को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने जांच के बाद कोर्ट को जानकारी दी थी कि ये पैसे तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के हैं। आलमगीर आलम को ईडी ने बाद में इस मामले में 15 मई को गिरफ्तार किया था।
जांच के क्रम में ईडी ने पाया था कि प्रत्येक ठेके के आवंटन में मंत्री आलमगीर आलम को 1.5 प्रतिशत राशि कमीशन के तौर पर मिलती थी।
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