संसद सदस्यता जाने के बाद बोले राहुल गांधी
नयी दिल्ली। सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। राहुल गांधी के इस बयान से जुड़े मानहानि केस में उन्हें 2 साल की सजा सुनाई है। सजा के 26 घंटे बाद उनकी संसद की सदस्यता खत्म हो गयी। इसके बाद शनिवार को राहुल, प्रियंका के साथ कांग्रेस ऑफिस पहुंचे और मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि गांधी हूं, सावरकर नहीं जो डर जाऊंगा। मोदी और अडाणी पर मैं सवाल पूछता ही रहूंगा।
हिन्दुस्तान का लोकतंत्र खतरे में है। राहुल ने इसी लाइन के साथ अपनी बात शुरू की। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि अडाणी और मोदी का रिश्ता क्या है?
बयान पर सफाई दी
उन्होंने केंब्रिज यूनिवर्सिटी में लोकतंत्र पर कही अपनी बात और सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। वाले बयान पर सफाई भी दी। राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 16 बार मोदी जी, 9 बार प्रधानमंत्री और 38 बार अडाणी का नाम लिया।
साथ ही कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में साढ़े चार महीने जनता के बीच रहा। ये मेरा काम है और करता जाऊंगा।
अब मीडिया का सपोर्ट नहीं मिलता
आज के हिंदुस्तान में जो पहले राजनीतिक पार्टियों को सपोर्ट मिलती थी। मीडिया और बाकी संस्थानों से मिलती थी।
अब नहीं मिलती है। तो विपक्षी पार्टियों के पास एक ही रास्ता है। जनता के बीच में जाने का।
अडाणी के पास 20 हजार करोड़ कहां से आये
राहुल ने कहा कि आप मेरी भारत जोड़ो यात्रा में मेरी कोई भी स्पीच देख लीजिए। मैने हमेशा कहा कि सब समाज एक है।
सबको एक साथ चलना चाहिए। भाई चारा होना चाहिए। नफरत, हिंसा नहीं होनी चाहिए।
ये ओबीसी का मामला नहीं है, ये नरेंद्र मोदीजी और अडाणीजी के रिश्ते का मामला है। 20 हजार करोड़ रुपए, जो अडाणी जो को पता नहीं कहां से मिले।
उसके बारे में मैं सवाल पूछ रहा हूं। उसका जवाब चाहिए। भाजपा ध्यान को भटकाने की कोशिश करती है।
कभी ओबीसी की बात करेगी, कभी विदेश में दिए बयान की बात करेगी।
रामनीति मेरे लिए फैशन नहीं, मेरे खून में है
राहुल ने कहा क राजनीति उनके लिए फैशन नहीं है। मगर उनके खून में है।
यही मेरी तपस्या है। जीवन की तपस्या है। इसे मैं करता जाऊंगा। चाहे मुझे डिस्क्वालिफाई करें। मारें-पीटें। चाहे जेल में डालें। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस देश ने मुझे सबकुछ दिया है।













