रांची। झारखंड हाईकोर्ट नशे के कारोबार पर काफी सख्त है। अदालत ने स्वतः संज्ञान से दर्ज मामले में सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि शराब के व्यापार में सरकार को राजस्व का लाभ तो होता है, लेकिन आबादी वाले मुहल्लों, घरों और मंदिरों के आसपास शराब बिक्री से आम लोगों को काफी परेशानी होती है। इसलिए ऐसी जगहों पर शराब बिक्री का लाइसेंस देने से पहले विचार किया जाना चाहिए।
बिना लाइसेंस के शराब बिक्री पर रोक लगे
शहर के कई इलाक़ों जैसे लालपुर, डोरंडा, बिरसा चौक के आसपास, तुपुदाना में कई रेस्टोरेंट खुले हैं, जहां लोग रात में शराब का सेवन करते हैं, इन रेस्टोरेंट के पास बिना लाइसेंस के ही शराब की व्यवस्था रहती है।
उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाये। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ राज्य भर में अभियान चलाया जा रहा है और नशे के कारोबार में संलिप्त कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
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