शिक्षक नियुक्ति पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार

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रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग की ओर से निकाले गए सहायक आचार्य नियुक्ति के विज्ञापन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। विज्ञापन पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है। अब इस मामले में जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुनवाई होगी। तब तक जेएसएससी को जवाब देने को कहा गया है। आज की सुनवाई जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई।

क्या है याचिका में

सहायक आचार्य नियुक्ति के विज्ञापन को चुनौती देने वाली मनी लांग एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने उक्त आदेश दिया है। प्रार्थी की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए सहायक आचार्य के विज्ञापन 13 /2023 पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस हस्तक्षेप याचिका में पद के नाम, पे स्केल सहित अन्य बिंदूओं पर सवाल उठाए गए हैं।

झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से प्राथमिक स्कूलों में सहायक आचार्य के 26001 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया है। मामले में कोर्ट ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव को प्रतिवादी बनाया है।

प्रार्थी की ओर से विज्ञापन पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार ने साल 2016 में शिक्षक पात्रता परीक्षा ली। इस परीक्षा में उसने सहायक शिक्षक पद के लिए परीक्षा लेने की बात कही। अब सहायक शिक्षक के पद की बजाय सहायक आचार्य पद के लिए कैसे विज्ञापन निकाला गया?

परीक्षा सहायक शिक्षक पद के लिए थी पर जब विज्ञापन निकला तब उसमें पद को सहायक आचार्य कर दिया गया। इसका पे स्केल भी सहायक शिक्षक के पे स्केल से कम कर दिया गया।

अब सहायक आचार्य का नया पद बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया की जा रही है। इसलिए सहायक आचार्य के नियुक्ति विज्ञापन पर रोक लगे। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं राकेश रंजन एवं प्रार्थी की ओर से ललित कुमार सिंह ने पैरवी की।

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