High Court latest orders India:
रांची। नगर निकाय चुनाव में नगर निगम को दो वर्गों (आरक्षण) में बांटने के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ता शांतनु कुमार चंद्रा ने याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें मेयर पद को दो वर्गों में बांटा गया है। प्रार्थी की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार ने नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर राज्य के कुल 9 नगर निगम को दो भागों वर्ग क एवं ख में बांट दिया है। वर्ग क में रांची एवं धनबाद को रखा गया है, शेष नगर निगम को वर्ग ख में रखा गया है। नगर निकाय चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कराया जा रहा है।
अधिकतम आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं होगाः
राज्य में 48 नगर निकाय क्षेत्र हैं, जहां ओबीसी ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट के बाद पहली बार ओबीसी-1 और ओबीसी-2 के लिए सीटें निर्धारित होंगी। पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा पर नगर निकाय क्षेत्र में अधिकतम आरक्षण 50% होगा। इसमें एसटी, एससी और ओबीसी-1, ओबीसी-2 के लिए सीटें निर्धारित होंगी। कुल वार्डों की संख्या आरक्षित होने के बाद एसटी, एससी, ओबीसी-1 और ओबीसी-2 के लिए वार्डों का आरक्षण तय किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से नगर निकाय चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में नगर निकाय का कामकाज फिलहाल अधिकारी देख रहे हैं।



