सरकार से पूछा-डैमों के आसपास से अतिक्रमण हटाने की क्या हुई कार्रवाई
रांची। गर्मी दस्तक देने लगी है। इसके साथ ही लोगों को पानी की चिंता सताने लगी है। हर साल पानी की किल्लत झेलने वाले लोगों के माथे पर सिकन पड़ने लगे हैं।
झारखंड हाईकोर्ट भी इसे लेकर गंभीर है। कोर्ट ने इसे लेकर रांची नगर निगम से पूछा है कि पेयजल की समस्या से निपटने के लिए उसके क्या प्लान हैं।
गर्मियों में पानी की सप्लाई और लोगों को पेयजल की समस्या से निबटने के लिए क्या योजना बनाई गई है। बता दें कि रांची में अपार्टमेंट कल्चर बढ़ने के कारण भी पेयजल का संकट ज्यादा गहरा गया है।
अपार्टमेंट कल्चर के कारण डीप बोरिंग बेतहाशा होने लगे है। अगर अपार्टमेंट वालों को पानी की जरूरत है तो यह जरूरत आम लोगों की भी है।
झारखंड हाईकोर्ट ने डीप बोरिंग पर नियंत्रण लगाने के संबंध में भी सवाल पूछा है। हाईकोर्ट ने रांची के तालाबों की साफ-सफाई पर संज्ञान लेकर झारखंड सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
झारखंड हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को पूछा कि कांके डैम, हटिया डैम, गेतलसूद डैम के आस पास जो अतिक्रमण किया गया है, उसे हटाने के लिए कोई कार्रवाई हुई या नहीं।
सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए फंड जारी किया गया है। सैटेलाइट मैपिंग की मदद से अतिक्रमण की जानकारी ली जा रही है।
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