झारखंड दिवस पर हेमंत सोरेन ने केंद्र को दी चेतावनी, कहा- अधिकार छीनने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे

2 Min Read

Hemant Soren

दुमका। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है और कहा कि राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए वह कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे, जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। यह बातें उन्होंने जेएमएम के 47वें झारखंड दिवस समारोह के दौरान दुमका के गांधी मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।

सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता का गलत इस्तेमाल करके वोट चोरी और राजनीतिक षड्यंत्र किए जा रहे हैं। इसके बावजूद झारखंड की जनता और उनकी सरकार सतर्क हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने जनता से एकजुट होने को कहा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता की एकता ही उनकी ताकत है और इसके जरिए ही राज्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और बच्चों को बेहतर शिक्षा लेने पर जोर देते हुए कहा कि यह राज्य और समाज की प्रगति में अहम योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने संथाली भाषा में भी लोगों को संबोधित किया और शिबू सोरेन को याद किया, जिन्होंने झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन की सीख और मार्गदर्शन आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

मंत्री हफीजुल हसन अंसारी और विजय हांसदा ने क्या कहा?

इसी दौरान झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी और राजमहल सांसद विजय हांसदा ने एसआईआर (Special Integrated Register) के प्रति लोगों को सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नाम काटने जैसी किसी भी कोशिश से सावधान रहें और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहें।इस तरह हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को साफ संदेश देते हुए राज्य और जनता के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया और जनता से सहयोग की अपील की।

Share This Article