राज्य में दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की जरूरत नहीं : हेमंत सोरेन

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि राज्य में दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट की जरूरत नहीं होगी। अब पढ़े-लिखे युवा भी दवा दुकान खोल सकते हैं। वे बुधवार को कल्याण गुरूकुल और कौशल कॉलेज के 500 युवा छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री चाहिए थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार की मेडिकल सर्किट बनाने की योजना है।ऑनलाइन व्यवस्था से पंचायत और गांव में दवा दुकान चलाने वालों को चिकित्सकों से कनेक्ट किया जाएगा। ताकि ऑनलाइन चिकित्सक से संपर्क कर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

आज पंचायत-पंचायत सरकार दवा दुकान खोलने का काम कर रही है। हेमंत ने कहा कि प्रेझा अंतर्गत अभी सिर्फ बेटियां नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। मैंने पहले भी कहा था। अब राज्य के युवक भी जल्द नर्सिंग का कोर्स कर सकेंगे और इसे बहुत जल्द शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। खूंटी में कौशल विकास कॉलेज भी जल्द खोला जाएगा।

राज्य में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्थापना हो रही है जहां बड़े पैमाने पर नर्सिंग समेत अन्य विषयों पर शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल्द ही अपोलो अस्पताल भी शुरू किया जाएगा। युवाओं के लिए हम राज्य में संस्थाएं तैयार कर रहे हैं। इसके साथ-साथ जल्द से जल्द यहां पैथोलॉजी लैब की ट्रेनिंग हेतु सेंटर प्रारंभ करने का कार्य किया जाएगा, ताकि युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि झारखंड देश के अत्यंत पिछड़े राज्यों में से एक राज्य है। यहां 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। जीविका के लिए कई चुनौतियां राज्य के लोगों के साथ जुड़ा हुई है। जब से हमने राज्य की बागडोर संभाली है उसी समय से राज्य की अर्थव्यवस्था, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हैं।

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