Hemant Sarkar: सहारा में 300000 लोगों के फंसे 2500,0000000 के लिए लड़ेगी हेमंत सरकार [Hemant government will fight for Rs 2500,000000 of 300000 people stranded in Sahara]

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Hemant Sarkar:

रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के सहारा निवेशकों की लड़ाई खुद लड़ने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने सहारा के निवेशकों को हक दिलाने के लिए तमाम जरूरी उपाय करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह जानकारी खुद सहारा के निवेशकों को दी है। उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया के निवेशकों को हक-अधिकार दिलाने के लिए अबुआ सरकार विधिसम्मत कदम उठाएगी। बता दें कि सहारा कंपनी में अनुमानत: झारखंड के तीन लाख लोगों के 2500 करोड़ रुपये फंसे है।

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बताते चलें कि सहारा इंडिया के निवेशकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर पैसा वापस दिले की गुहार लगाई थी। साथ ही इस मामले में जांच आयोग का गठन करने और राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर करने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले में राज्य सरकार विधिसम्मत कदम उठाएगी। जरूरत पड़ी तो सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जायेगी। बताते चलें कि विधानसभा में भी राज्य सरकार सहारा निवेशकों को हक दिलाने का आश्वासन दे चुकी है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी सत्तारूढ गठबंधन ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था।
गठबंधन ने आरोप लगाया था कि निवेशकों के दावे निरस्त किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए पहल करेगी।
तब सरकार ने कहा था कि सहारा परिवार लिस्टेड कंपनी है। इसके रेगुलेशन का अधिकार राज्य के पास नहीं है।

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सरकार ने कहा था कि एक रेगुलेटेड और एक नॉन रेगुलेटेड कंपनी होती है। चिटफंड कंपनियों पर हम कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन सहारा लिस्टेड कंपनी है। इसको सेबी कंट्रोल करती है। तब मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन को बताया था कि वित्त विभाग की ओर से सेबी को और सहारा के मालिक को पत्र लिखा गया है। इतना ही नहीं, बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल ने सदन को बताया था कि सहारा में काम करनेवाले 65 हजार लोगों का जीना मुश्किल हो गया है़।

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स्थिति ऐसी है कि किसी की भी जान जा सकती है। तब तत्कालीन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन को बताया कि सहारा ने पत्र के माध्यम से बताया है कि 24 हजार करोड़ रुपये सेबी के पास जमा है। सुप्रीम कोर्ट ने चल-अचल संपत्ति की बिक्री पर रोक लगा दी थी। लेकिन, बिक्री पर रोक हटी, तो बिक्री से प्राप्त राशि को सेबी में जमा करा दिया गया है। कंपनी के अनुसार 17 हजार 526 बांड धारकों के 138 करोड़ रुपये उनके खातों में जमा करा दिये गये हैं। अब सहारा निवेशकों के लिए राज्य सरकार ठोस कदम उठाने जा रही है। इसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कर दी है।

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