रांची। मंईयां सम्मान योजना पर रोक लगाने से झारखंड हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। आज जैसे ही यह फैसला आया, इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया।
कहा कि “राज्य की मंईयां जीत गई। तानाशाह हार गया पर लड़ाई जारी है। मंईयां के ख़िलाफ़ अब ये सुप्रीम कोर्ट जाएँगे – पर मैं आपका भाई, आपका बेटा वहाँ भी इन्हें हराएगा जय मंईयां, जय जय झारखंड।”
राज्य की बहनों को आर्थिक आजादीः
उधर झारखंड मुक्ति मोर्चा के ट्विटर हैंडल से भी एक पोस्ट किया गया है जिसमें कहा गया है कि “जीत गई जीत गई। राज्य की सारी मंईयां जीत गई।
हाई कोर्ट में तानाशाह मंईयां के ख़िलाफ़ केस हार गई। अब कभी वे मंईयां के तरफ़ नज़र उठा कर नहीं देखेंगे।
अब से 21 दिन बाद हर राज्य की हर बहन के खाते में हर महीने 2500, साल के पूरे 30,000
राज्य के बहनों की आर्थिक आज़ादी – मंईयां सम्मान”।
बता दें कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। दरअसल सिमडेगा के रहने वाले विष्णु साहू ने अपने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल की है।
जिसमें कहा गया है कि चुनाव से पहले सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए इस तरह की योजना शुरू की है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने बहस की।
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