रांची। बीते गुरुवार को एचईसी कर्मियों को एक साथ तीन महीने का वेतन दिया गया। लगभग तीन साल से बिना वेतन काम कर रहे कर्मियों के लिए ये खबर राहत भरी तो थी, लेकिन इसके साथ ही उनके दिल में इस बात की मायूसी भी है
कि अब भी एचईसी ने उनके 20-22 महीनों की कमाई को रोक कर रखा है। दरअसल बीते गुरुवार को रक्षा मंत्रालय प्रोजेक्ट के अंतर्गत लंबे समय से बकाया चली आ रही राशि एचइसी को मिली, जो करीब 43.95 करोड़ है। हालांकि एचईसी कर्मी इससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि तीन साल के इंतजार की भरपाई तीन महीने की सैलरी नहीं कर सकती।
तीन महीने का वेतन गर्म तवे पर पानी छिड़कने जैसा है – यूनियन
हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि ये पैसे उद्योग विभाग का नहीं, बल्कि मजदूरों का है। उन्होंने आगे कहा कि हमें तीन साल से वेतन नहीं मिला है, ये तीन महीने का वेतन गर्म तवे पर पानी छिड़कने जैसा है ।
यूनियन के कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने बताया कि ये पैसे तो बच्चों के फीस में ही खर्च हो जाएंगे। तीन साल से वेतन न मिलने से कई लोग कर्ज में डूब गए हैं। बता दें कि एचईसी के सैकड़ों कर्मचारियों की ओर से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चलाया जा रहा है।
वेतन भुगतान नहीं होने से एचईसी के अधिकारी और कर्मचारी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में सरकार ने लोकसभा में ये स्वीकार किया था कि वर्तमान में एचईसी कर्मचारियों और अधिकारियों का 25 महीने का वेतन बकाया है, जबकि सुपरवाइजरों का 29 महीने का वेतन बकाया है।
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