रांची। ईडी के समन के खिलाफ दाखिल हेमंत सोरेन की याचिका पर गुरुवार हुई सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच से उनको कोई राहत नहीं मिली।
ईडी की ओर से एसीजीआई एसवी राजू ने पक्ष रखा। दोनों ही पक्षों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में अपनी दलीलें रखी। इस दौरान हेमंत सोरेन का पक्ष रख रहे वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्ब्ल ने जिरह के लिए वक्त की मांग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
यह है मामला
हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ईडी द्वारा उनको सेक्शन-50 के तहत जारी समन को चुनौती दी थी। कहा गया था कि ईडी ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर उनको बार-बार समन किया।
उन्होंने ईडी की इस कार्रवाई को गलत बताया था। कहा कि अधिकारी उनपर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाकर उनको गिरफ्तार करना चाहते हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि कोई भी केंद्रीय जांच एजेंसी किसी व्यक्ति को इस आधार पर गिरप्तार नहीं कर सकती को उसने जांच में सहयोग नहीं किया।
हेमंत सोरेन को रांची जमीन घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को सीएम हाउस में 6 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने उनको हिरासत में लिया। इसके बाद उनको राजभवन ले जाया गया जहां उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मुख्यमंत्री को रातभर ईडी ऑफिस में ही रखा गया था। अब उन्हें होटवार जेल ले जाये जाने की तैयारी की जा रही है।
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