रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से ईडी के समन खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर 15 सितंबर से सुनवाई होगी। जमीन घोटाला मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को सुनवाई के लिए बुलाया था। पहली बार 14 अगस्त को उन्हें ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचना था, पर वे व्यस्तता का हवाला देते हुए हाजिर नहीं हुए। दूसरे समन के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पहले उन्होंने ईडी को पत्र लिख कर उनके समन को गैर कानूनी बताया था।
क्या है सीएम की रिट याचिका
सीएम हेमंत सोरेन की ओर से जो रिट याचिका दायर की गयी है, उसमें उन्होंने पीएमएलए-2002 की धारा 50 और 63 की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पीएमएलए की धारा 19 के तहत जांच एजेंसी को धारा 50 के तहत बयान दर्ज करने के दौरान ही किसी को गिरफ्तार करने के अधिकार है। मुख्यमंत्री ने याचिका में कहा है कि आईपीसी के तहत किसी मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसी के समक्ष दिये बयान की मान्यता कोर्ट में नहीं है, लेकिन पीएमएलए की धारा 50 के तहत जांच के दौरान एजेंसी के समक्ष दिये गये बयान की कोर्ट में मान्यता है।







