Ranchi Land Fraud: फर्जी कागज़ों से हाईकोर्ट जस्टिस की जमीन बेची, 6 पर FIR

Anjali Kumari
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Ranchi Land Fraud:

रांची। रांची में भूमि घोटालों की कड़ी में एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज़ बनाकर हाईकोर्ट के एक जस्टिस और उनके भतीजे की जमीन को अवैध रूप से बेच दिया गया। इस मामले में लालपुर थाना में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला?

नॉर्थ मार्केट निवासी पीड़ित अनिल कुमार नाथ ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि लालपुर स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन 66 कट्ठा है, जिसमें से 22 कट्ठा जमीन वर्ष 1996 में विधिवत बेची जा चुकी थी। शेष जमीन, जो उनके चाचा और हाईकोर्ट जस्टिस के हिस्से में आती है, उसे आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर बेच दिया।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

जमीन की बिक्री के लिए बीडीओ कोर्ट के नाम पर दस्तावेज़ तैयार किए गए। जबकि रांची में कभी बीडीओ कोर्ट अस्तित्व में ही नहीं था। इससे स्पष्ट है कि दस्तावेज़ जानबूझकर बनाए गए। पहले रेंट फिक्सेशन विवाद में रांची डीसी के आदेश पर उप-समाहर्ता द्वारा की गई जांच में भी दस्तावेज़ फर्जी पाए गए थे।

किन-किन पर हुई FIR?

एफआईआर में 6 आरोपियों को नामजद किया गया है जिनमें सुभाष भंडारी, षष्टी भंडारी, अशोक विश्वकर्मा, रिपुंजय प्रसाद सिंह, राजीव चौधरी, और राजेंद्र प्रसाद शामिल है। बताया जा रहा है कि सुभाष भंडारी और षष्टी भंडारी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के निवासी हैं।

पीड़ित की मांग

अनिल कुमार नाथ ने पुलिस से आग्रह किया है कि इस अवैध जमीन सौदे में शामिल सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। यह मामला रांची में बढ़ते जमीन घोटालों पर एक और बड़ा सवाल खड़ा करता है और भूमि-व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर करता है।

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