GST losses in Jharkhand:
रांची। झारखंड सरकार को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में GST राजस्व से बड़ी आर्थिक चोट लगने वाली है। सरकार के अनुमान के अनुसार इस वर्ष राज्य को लगभग 1500 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है। यह अनुमान नवंबर 2024 की तुलना में नवंबर 2025 में प्राप्त GST राजस्व के आधार पर लगाया गया है। सरकार को नवंबर 2025 में GST के रूप में 9 प्रतिशत कम राशि मिली है, जिससे राज्य के GST ग्रोथ रेट में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
झारखंड को GST के रूप में 2327 करोड़ रुपये प्राप्त:
नवंबर 2024 में झारखंड को GST के रूप में 2327 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि नवंबर 2025 में यह घटकर 2109 करोड़ रुपये रह गया। इस प्रकार राज्य का GST ग्रोथ रेट -9% हो गया है, जो चिंताजनक स्थिति है। सरकार का मानना है कि केंद्र द्वारा आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से GST दरों में किए गए बदलाव से राज्यों को मिलने वाला राजस्व प्रभावित हुआ है और इसका सीधा असर झारखंड पर भी पड़ा है। इसी आधार पर मार्च 2026 तक झारखंड को कुल 1500 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान का अनुमान लगाया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह नुकसान 3000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
देशव्यापी स्थिति बेहतर नहीं:
देशव्यापी स्थिति भी बेहतर नहीं है। नवंबर 2025 में GST मद में अखिल भारतीय स्तर पर औसतन दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से केवल 12 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में GST की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम सहित कुछ अन्य राज्यों का नाम शामिल है। दिल्ली में GST राजस्व में कोई वृद्धि दर्ज नहीं हुई है। देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र महाराष्ट्र में भी GST में केवल 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि अधिकांश राज्यों में कमी देखी गई है।
झारखंड की अर्थव्यवस्था पहले से ही खनन राजस्व पर निर्भर करती है और अब GST राजस्व में आई इस गिरावट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। सरकार आगामी बजट में इस राजस्व घाटे की भरपाई कैसे करेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
