रांची : झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान हेमंत ने कहा कि देश की यह पहली घटना है, जब किसी सीएम को राजभवन में अरेस्ट किया गया हो। इसमें राज्यपाल की भी अहम भूमिका है।
हेमंत ने कहा कि मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को मेरी पार्टी और सभी सहयोगियों का पूरा समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी की काली रात लोकतंत्र की काली रात थी। यह पाकवान चार साल से पकाया जा रहा था। बड़े ही सुनियोजित तरीके से मुझे गिरफ्तार किया गया।
हेमंत ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का लोकतंत्र आज खतरे में है। हेमंत सोरेन कहा कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री का इतना बड़ा अपमान भी देश की पहली घटना है। इतनी घृणा आदिवासी दलित से कभी नहीं देखी गयी। ये लोग चाहते हैं कि आदिवासी जंगल में ही रहे। हम जंगल से आ गये तो इन्हें तकलीफ होने लगा। इनका बस चले तो फिर से आदिवासियों को जंगल ही भेज दे।
अगर ये सोच रहे हैं कि मुझे जेल में डालकर इनके मंसूबे पूरे हो गये तो ये लोग भूल रहे हैं। ये झारखंड है। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों डकार कर कई लोग विदेश में बैठ गये. मगर ये उन्हें छू नहीं सके। उन्होंने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर 8 एकड़ जमीन मेरे नाम से है तो कागज लाएं। अगर कागज ले आये तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। इनकी एक-एक बात का जवाब माकूल तरीके से दिया जायेगा।
हेमंत ने कहा कि मैं आंसू नहीं बहाऊंगा। भाजपा ने ना अपने आदिवासी सीएम को पांच साल पूरा करने दिया और न मुझे। इनकी मानसिकता यही है। इन्हें साल 2019 से ही भ्रष्टाचार नजर आने लगा। इनको 2000 से भ्रष्टाचार नजर नहीं आया। ये लोग आदिवासी को हवाई जहाज और बीएमडब्लू गाड़ी में घूमते हुए नहीं देख सकते हैं। ये सामंती मानसिकता के लोग हैं।
उन्होंने कह कि अगर भाजपा ने 8 एकड़ जमीन हड़पने का सबूत दे दिया तो मैं राजनीति क्या, झारखंड छोड़ दूंगा। 22 को रामराज आने के बाद इनलोगों ने पहले बिहार को फिर एक आदिवासी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया। हेमंत ने कहा कि अभी-अभी राजपाल ने अभिभाषण पढ़ा. लेकिन अब क्या फायदा, जब लोकतंत्र को ही खत्म कर दिया। फिर से समय लौटेगा। मैं फिर आऊंगा. इंतजार करें।
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