Balasore Rail Accident के कारणों का रेल मंत्री ने किया खुलासा
ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। 1100 से ज्यादा लोग घायल हैं। हादसे के 39 घंटे बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे की वजह बताई है। उन्होंने उस रहस्य से पर्दा उठा दिया है, जिसे आज पूरी दुनिया जानना चाहती है।
रेल मंत्री ने कहा कि यह हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ। हमने जिम्मेदारों की भी पहचान कर ली है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम वह होता है, जिसमें ट्रेन का ट्रैक तय किया जाता है। रेल मंत्री ने कवच सिस्टम की गैरमौजूदगी को हादसे का कारण नहीं माना है। उन्होंने कहा कि एक्सीडेंट का इससे लेना-देना नहीं है। रेल मंत्री ने दावा किया कि बुधवार तक काम पूरा कर लेंगे और ट्रेन चलनी शुरू हो जाएंगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते शनिवार को शाम करीब 4 बजे घटनास्थल पहुंचे थे। वे अस्पताल में घायलों से भी मिले। उन्होंने कहा कि दुर्घटना का जो भी दोषी है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम इस घटना से सबक लेंगे और व्यवस्था को सुधारेंगे।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस हादसे को लेकर शोक जताया है। व्हाइट हाउस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, हमारी संवेदनाएं हादसे के पीड़ितों के साथ हैं। वहीं रूस के राष्ट्रपति बी पुतिन भी घटना पर शोक जता चुके हैं।
हादसे के एक घंटे बाद शाम को करीब 8 बजे बालासोर में एक ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर आई। इसके बाद दूसरी ट्रेन डिरेल होने की बात पता चली। रात करीब 10 बजे साफ हुआ कि दो यात्री गाड़ियां और एक मालगाड़ी टकराई हैं। शुरुआत में 30 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन देर रात यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बहानगा बाजार स्टेशन की आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस यहां डिरेल होकर मालगाड़ी से टकरा गई। एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया और बोगियां तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं। कुछ देर बाद तीसरे ट्रैक पर आ रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ने कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों को टक्कर मार दी।








