अपराधी बेखौफ: बाबा के दरबार में सरेआम गैंगवार

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रांची। झारखंड में अपराधी बेखौफ हो गये हैं। उनका हौसला इतना बढ़ गया है कि बाबा भोलेनाथ के दरबार में ही गैंगवार को अंजाम दे दिया। बाबा वासुकीनाथ धाम में गुरुवार देर रात जमशेदपुर के दुर्दांत अपराधी अमरनाथ को गोलियों से भून डाला गया। इस घटना की गूंज वासुकीधाम से लेकर देवघर बाबाधाम तक सुनाई दी। कांवरियों के बीच भगदड़ मच गई। श्रद्धालु गिरते-पड़ते भागने लगे। प्रशासनिक अधिकारयों के बीच हंड़कंप मच गया।

घटना के बारे में बतायें कि अमरनाथ जमशेदपुर के मानगो रहनेवाला था। उसका लंबा चौड़ा आपाधिक इतिहास रहा है। बासुकिनाथ धाम के पास जरमुंडी के निकट उस पर फायरिंग की गयी। सबसे पहले उसके सिर में गोली मारी गयी।

इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। घटना गुरुवार देर रात तकरीबन 11.40 बजे की है। बताया जाता है कि अमरनाथ सिंह, परमजीत सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वासुकीनाथ के नंदी चौक के पास कांवरिया वेश में आये तीन अपराधियों ने उस पर फायरिंग की। बताते चलें कि अमरनाथ भी गेरुआ कपड़ों में था।

जब फायरिंग शुरू हुई, तो आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं सके। उधर, गोली मारने के बाद तीनो हत्यारे पैदल ही भागते निकल गये। इधर, अमरनाथ के साथ गये उसके साथी उसे संभालने में जुट गये। तुरंत ही उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उसके साथियों ने बताया कि वे सभी बाबाधाम और यहां बाबा को जला चढ़ाने आये थे। यहां से तारापीठ जाने की योजना थी।  उनके साथ उनका पूरा परिवार भी है। अमरनाथ की मां भी साथ थीं। बताया कि वे नंदी के पास आराम करने के लिए रूके थे। वे वहां चाय पी रहे थे, इसी दौरान तीन लोग कांवरियें के भेष में आये और झोला से पिस्टल निकाल कर फायरिंग शुरू दी।

अमरनाथ सिंह की बात करें, तो जमशेदपुर में उसका खासा रौब दाब था। पहले वह परमजीत सिंह गिरोह का सदस्य था, लेकिन परमजीत की हत्या के बाद उसने अपना गिरोह बनाया और साम्राज्य खड़ा कर लिया। बताया जाता है कि जमीन के एक मामले को लेकर उसकी दुश्मनी गैंगस्टर गणेश सिंह के साथ चल रही थी। गणेश सिंह उसके एक भाई की हत्या कर चुका है।

इसके बदले में अमरनाथ ने भी गणेश के भाई को गोली मार दी थी। इसेक बाद अमरनाथ के अपराध का आंकड़ा बढ़ता ही गया। फिर साल 2014 में उसके आंतक से तंग आकर उसे जमशेदपुर से तड़ीपार कर दिया गया था। लोग बताते हैं कि गणेश सिंह और अमरनाथ सिंह के बीच दुश्मनी इस कदर बढ़ चुकी थी कि जिसे जहां मौका लगता मार गिराता। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जमशेदपुर पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद जमशेदपुर पुलिस भी अलर्ट मोड में है।

बताते चलें कि एक दिन पहले ही राजधानी में रांची में अपराधियों ने माकपा नेता सुभाष मुंडा के दफ्तर में घूस कर गोली मार दी थी। स हत्या को लेकर राजधानी रांची में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। अब राज्य में अभी के सेंसेटिव जोन वासुकीनाथ में यह कांड हो गया।

यहां गौर करनेवाली बात यह है कि सावन मास में राज्य का पूरा प्रशासनिक अमला देवघर से लेकर बाबा वासुकीनाथ धाम तक काफी चौकस है। राज्य की आधे से ज्यादा पुलिस बल की तैनाती देवघर से लेकर वासुकीनाथ तक की गई है। ऐसे में भरी भीड़ में गैंगवार और गोलीबारी की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो खड़ा कर ही रही है।  

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