पलामू। झारखंड एक बार फिर गैंगवार से दहल उठा है। इस बार रणक्षेत्र बना है पलामू, विवार की आधी रात कोयलांचल के पांडेय गैंग के दो सदस्यों की हत्या कर दी गई। इस हमले में पांडेय गिरोह के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
बीती रात पलामू जिले के चैनपुर थाना का गरदा गांव गोलियों से थर्रा उठा। गांव के एक घर में अपराधी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की पहचान भरत पांडेय और दीपक साव के रूप में हुई है। दोनों मोस्ट वांटेड अपराधी थे। इनका संबंध पतरातू के भोला पांडेय गिरोह था।
वहीं गोलीबारी में गरदा गांव के रहने वाले स्व अमरेश सिंह का बेटा अंशु सिंह और औरंगाबाद के पोला गांव महावीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये।
दोनों को आनन-फानन में एमएमसीएच में रात एक बजे भर्ती कराया गया। अंशु को दोनों पैर और महावीर को हाथ में गोली लगी है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
गोलीबारी की घटना के बाद पुलस वहां पहुंची और दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बताया जा रहा है कि महावीर सिंह गरदा गांव में अपने मामा के घर आया हुआ था। महावीर के मुताबिक रात 12 बजे के करीब घर में घुस कर अपराधियों ने गोली चलाई।
वहीं अंशु का कहना है कि गोली चलने की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली। वह बाहर निकला तो भागते हुए अपराधी ने गोली चलाई जो उसे लग गई।
बर्थडे पार्टी में आए थे भरत और दीपक
अपराधियों की गोली से मरने वाले भरत और दीपक साव 31 दिसंबर से गरदा गांव में अपने मौसा के घर रुके हुए थे। वे मौसा के घर में जन्मदिन में शामिल होने आए हुए थे।
ऐसी आशंका है कि गोली मारने वाले बाहर से आकर इन दोनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने प्लानिंग के तहत रात में गोली चलाई है। एसडीपीओ मणिभूषण प्रसाद ने कहा कि पुलिस हत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है।
घटनास्थल से 25 खोखा बरामद
पुलिस ने मौके से 25 खोखा बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अपराधी खेत से होकर घर तक आए थे और गोली चलाते हुए उसी रास्ते निकल गए। अपराधियों ने अपनी बाइक घटनास्थल से कुछ दूर पर छोड़ दिया था।
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