रांची। झारखंड में ब्यूरोक्रेसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग में त्रुटियां अब सामने निकल कर आ रही है।
गड़बड़झाला का आलम यह है कि सचिव रैंक के पद पर विशेष सचिव की पोस्टिंग कर दी गई है। इससे नौकरशाही का कैडर मैनेजमेंट चरमराने लगा है।
जूनियर आईएएस की सीनियर पोस्ट पर पोस्टिंग पर सवाल उठने लगे हैं। नियमानुसार प्रमंडलीय आयुक्त का पद सचिव रैंक का होता है, लेकिन इस पद पर विशेष सचिव रैंक के अफसर की पोस्टिंग कर दी गई है।
एक या दो नहीं, राज्य के तीन प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त के पदों पर विशेष सचिव रैंक के अफसर की पोस्टिंग कर दी गई है।
राज्य सरकार ने विशेष सचिव रैंक के अफसर हरि कुमार केसरी को कोल्हान प्रमंडल का प्रभारी कमिश्नर बनाया है।
वहीं विशेष सचिव रैंक के अफसर बालकिशुन मुंडा को दक्षिणी छोटानागपुर का प्रभारी प्रमंडलीय आयुक्त के साथ पलामू प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है।
इससे पहले भी विशेष सचिव रैंक के अफसर दशरथचंद्र दास को कमिश्नर की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी। दास 29 फरवरी को रिटायर भी हो गए, लेकिन वे सचिव रैंक तक नहीं पहुंच पाये थे।
बता दें कि किसी भी आईएएस की सेवा के 16 साल बाद सचिव रैंक में प्रोन्नति होती है। विशेष सचिव का वेतनमान 1,18,500 से 2,14,100 है। जबकि सचिव रैंक के अफसरों का वेतनमान 1,44,200 से 2,18,200 रुपये होता है।
खास कर राज्य सेवा से आईएएस संवर्ग में प्रमोट हुए 29 अफसर अब तक विशेष सचिव रैंक में हैं, जबकि राज्य सेवा से आईएएस संवर्ग में प्रोन्नति पाए सिर्फ दो अफसर ब्रजमोहन कुमार और मनोज कुमार झा ही सचिव रैंक के हैं। जबकि राज्य में 44 प्रोन्नत आइएएस हैं।
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