पूर्व विधायक संजीव सिंह ने मांगी इच्छा मृत्यु

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धनबाद। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह अब जीना नहीं चाहते। उन्होंने अदालत से इच्छा मृत्यु देने की गुहार लगाई है। संजीव सिंह अपने चचेरे भाई और धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह चार लोगों की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं।

पिछले दिनों वह जेल में कुर्सी से गिरकर जख्मी हो गए थे। उनका इलाज धनबाद के एसएनएमसीएच यानी शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में चल रहा है।

संजीव सिंह की ओर से अदालत को दिए गए दरख्वास्त में कहा गया है कि उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है। सरकार उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर जाने नहीं दे रही है। उनकी हालत खराब है। अब इलाज नहीं मिल सकता तो उन्हें इच्छामृत्यु की ही इजाजत दे दी जाए।

जैसा कि आपको मालूम है कि संजीव सिंह झरिया क्षेत्र से भाजपा विधायक हुआ करते थे। वह धनबाद के किंग कहे जाने वाले सूरजदेव सिंह के पुत्र हैं। 

उन्होंने अदालत से कहा है कि मुझे मौत दे दो। आज मैं अपनी इच्छा से जी नहीं सकता, पर मर तो सकता हूं। मरना तो मेरा मौलिक अधिकार है। इसलिए मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाये।

पूर्व विधायक ने मृत्यु के बाद अपने अंगों को दान करने की भी बात कही है। उन्होंने इसके लिए भी अदालत से याचना की है। मृत्यु के बाद अंगों को दान करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्होंने याचिका लगाई है।

संजीव सिंह के वकील मोहम्मद जावेद ने बताया कि जिला सत्र न्यायाधीश अखिलेश सिंह की अदालत में यह अपील दायर की गयी है। उन्होंने बताया कि संजीव सिंह ने इच्छा मृत्यु के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है, साथ ही मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर के अंगों को दान करने का आग्रह भी किया गया है।

हम फिर से दोहरा दें कि अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के आरोप में संजीव सिंह पांच साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। इस बीच उनकी तबीयत भी बिगड़ गयी है। पिछले 11 जुलाई को जेल के अंदर वह कुर्सी से गिर पड़े थे। उनकी जांच के बाद डॉक्टरों ने रिम्स रेफर करने की अनुशंसा की है। लेकिन संजीव सिंह रिम्स नहीं जाना चाहते। उनका कहना है कि वहां उनकी जान को खतरा है।

संजीव सिंह के अधिवक्ता का कहना है कि उनका कई दिनों से यूरिन डिस्चार्ज नहीं हो रहा है, उनका बीपी बढ़ा हुआ है, उनकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। वह सभी बात को भूल जा रहे हैं ऐसी स्थिति में उन्हें अविलंब उनके खर्चे पर ही सही सुपर मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भेजा जाना चाहिए।

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