धनबाद। धनबाद में भीषण हादसा होते-होते रह गया। यहां एसएनएमएमसीएच में भीषण आग लग गई, जिसके कारण 400 से ज्यादा मरीजों ने भागकर अपनी जान बचाई।
अस्पताल के इनडोर में दूसरी मंजिल पर डायलिसिस वार्ड में शुक्रवार देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई।
तीन मंजिला अस्पताल में 400 से अधिक मरीज भर्ती थे। सभी मरीज और उनके परिजनों ने खुद भागकर अपनी जान बचायी।
डायलिसिस वार्ड में जिस समय आग लगी, उस समय लगभग आधा दर्जन मरीज भर्ती थे। किसी तरह उनकी भी जान बचाई गयी।
अगल-बगल में सर्जिकल समेत कई वार्ड है, जिनमें दर्जनों मरीज भर्ती थे। इसके अलावा शिशु, गायनी, मेडिसिन, आईसीयू समेत अन्य वार्ड में भी कई मरीज थे।
अफरातफरी के दौरान परिजन और अस्पताल के कर्मचारी मरीजों को बचाने में लगे रहे। अधिकतर मरीजों ने अस्पताल में धुआं भरने से किसी तरह खुद भागकर अपनी जान बचायी।
खबर पाकर अग्निशमन विभाग की चार गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के तुरंत बाद यदि अस्पताल में रखे अग्निशामक सिलेंडर का प्रयोग किया जाता तो आग इतनी नहीं फैलती।
अस्पताल के चिकित्सक,नर्स या स्वास्थ्य कर्मचारी उस वक्त डायलिसिस वार्ड या उसके आसपास नहीं थे।
जब आग ने डायलिसिस वार्ड को घेर लिया, तो भागे-भागे लोग वहां पहुंचे। जिला प्रशासन के भी अधिकारियों की टीम पहुंच गई।
देर रात तक सैकड़ों मरीज और उनके परिजन अस्पताल के बाहर बैठे थे। देर रात कई गंभीर मरीजों को सदर और अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताते चलें कि पिछले साल बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के जोड़ाफाटक में आशीर्वाद टावर और टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित हाजरा क्लिनिक में आग लगने से 19 लोगों की मौत हो गई थी।
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