रांची। शहर के निजी स्कूलों में नामांकन कराना किसी रण जीतने से कम नहीं है।
रांची के निजी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के कारण बिहार व आसपास के राज्यों से भी लोग अपने बच्चों का नामांकन कराने पहुंचते हैं।
सुबह होते ही अभिभावकों की भीड़ स्कूल के मुख्य द्वार पर जमने लगती है। अन्य राज्यों से आने वाले अभिभावकों की पहली पसंद डीएवी ग्रुप के स्कूल ही होते हैं।
दरअसल, इनकी शाखाएं कई राज्यों में होने के कारण मध्यम व उच्च मध्यम आय समूह के लोग डीएवी स्कूल को पहली पसंद मानते हैं।
हालांकि, कई ऐसे भी लोग हैं जो डीपीएस रांची, जेवीएम श्यामली, डीएवी कपिलदेव, डीएवी बरियातू, केंद्रीय विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना प्राथमिकता में शामिल करते हैं।
रांची आने के बाद जब उन्हें निजी स्कूलों के कट-आफ की जानकारी मिलती है तो पसीना निकल आता है। फिर शुरू होता है हर हाल में नामांकन कराने की आपाधापी…।
फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व की प्रक्रिया
खासकर 11वीं कक्षा में नामांकन कराने की इन दिनों होड़ सी मची है। कई स्कूल प्रबंधनों ने तो बाकायदा अपनी वेबसाइट पर ही सारी जानकारी अपलोड कर दिया है तो कई स्कूलों ने अपनी सीट के अनुसार प्रतिशत तय किया है।
जिन स्कूलों में आवेदनों की संख्या अधिक रहती है वहां फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के तहत अधिक प्रतिशत वाले छात्र छात्राओं को प्राथमिकता मिल रही है।
कहीं प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया है और इसमें सफल विद्यार्थियों को ही नामांकन का अवसर प्राप्त हो रहा है।
तपती गर्मी के बीच कतारबद्ध होकर अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन कराते नजर आ रहे हैं।
कई स्कूलों ने तो अपना कट-आफ भी जारी किया है, जो कि विद्यार्थियों और अभिभावकों का पसीना निकाल रहा है।
आलम यह है कि सीबीएसई स्कूलों में तीसरी लिस्ट भी जारी हो चुकी है और अंतिम लिस्ट में भी 80 प्रतिशत अंकों वाले विद्यार्थियों को ही प्राथमिकता मिल रही है।
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