Elephant attack in Ramgarh
रामगढ़। रामगढ़ जिले के काकेबार मुहल्ले में 16 जनवरी की तड़के सुबह जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। करीब तीन बजे हाथी घनी आबादी वाले इलाके में घुस आया और कई घरों के दरवाजे, दीवारें और चारदीवारी तोड़ दी। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। अचानक हुई इस घटना से पूरे मुहल्ले में अफरातफरी मच गई और लोग घरों के अंदर ही छिपने को मजबूर हो गए।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले एक माह से हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। काकेबार के विभिन्न मुहल्लों में हाथियों की आवाजाही ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। शुक्रवार सुबह भी हाथियों की शोर-शराबा सुनकर लोग जागे और तब तक कई घरों की दीवारें टूट चुकी थीं। इस दौरान हाथियों ने गांव के चंदू महतो, मुकेश महतो और मेघनाथ महतो के आलू के खेतों को भी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों का क्या है कहना?
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग और जिला प्रशासन को हाथियों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे और भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल का लिया जायजा
वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे हैं और हाथियों को गांव से दूर ले जाने के उपाय खोज रहे हैं। हालांकि, इलाके में लगातार हाथियों की उपस्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।मौसमी तौर पर जंगल से बाहर आने वाले हाथियों का यह व्यवहार फसलों और घरों के लिए खतरा बढ़ा रहा है।
वन विभाग और प्रशासन को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त जरूरत है, ताकि गांववासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।इस घटना ने साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक गंभीर समस्या बन चुका है, और इसकी अनदेखी भविष्य में बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।












