PGT टीचर नियुक्ति की CBI जांच की मांग को लेकर सीएम और पूर्व सीएम का पूतला फूंका [Effigies of CM and former CM burnt demanding CBI inquiry into PGT teacher appointment]

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रांची। झारखंड में पीजीटी टीचर बहाली प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने बाबूगांव कोर्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर का पूतला फूंका।

आंदोलन के समर्थन में युवा नेता गौतम कुमार ने कहा कि पीजीटी टीचर बहाली में धांधली से निराशा है।

हेमंत सरकार जब से सत्ता में आई है, सभी नौकरियां 20–25 लाख रुपये में बेच दी गई। निजी संस्थानों के माध्यम से सीटें बेच दी गई।

अभ्यर्थियों ने नीट पेपर लीक की तर्ज पर पीजीटी नियुक्ति गड़बड़ी की जांच भी सीबीआई जांच कराने की मांग की।

सीबीआई जांच की मांग

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार पीजीटी टीचर नियुक्ति मामले की सीबीआई जांच नहीं कराती है, तो सड़क से सदन तक आंदोलन होगा।

पीजीटी अभ्यर्थी वासुदेव पंडित ने कहा कि वह 15 वर्षों से शिक्षक बहाली की तैयारी कर रहे हैं। उनके पास देने को 25 लाख रुपये नहीं हैं।

यही वजह है कि प्रतिभा होते हुए भी नियुक्ति नहीं हो पाई। इस सरकार ने सैकड़ों सीटें बेच दी। यदि सरकार मौजूदा बहाली को नहीं रोकती है तो हम सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।

अभ्यर्थियों ने पैदल मार्च भी किया

इस दौरान अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से बाबूगांव चौक तक मार्च भी किया। इसके बाद पूर्व सीएम, सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पूतला फूंका।

आंदोलन में सुदेश कुमार, अजय रंजन, कोमल कुमारी, शोभा कुमारी, दीपिका कुमारी, अर्जुन कुमार, बिनय मेहता, कमल कुमार दास इत्यादि सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद थे।

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