पहले सबूत जुटाया, फिर दी दबिश
रांची। ईडी के अधिकारी पिछले 9 माह से अंतु तिर्की के पीछे पड़े थे। उसकी हर एक गतिविधि ईडी की नजर में थी। ईडी ने पहले उसके खिलाफ सबूत जुटाये फिर उस पर हाथ डाला। हाथ भी ऐसा डाला कि उसे मानर्ग वाक के दौरान मोरहाबादी मैदान से ही उठा कर ईडी के अधिकारी कार में बिठा लिये। पहले उसे उसके घर लाया गया। उससे पूछताछ चली फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, जमीन घोटाले की जांच कर रही ईडी को पिछले वर्ष छापेमारी के दौरान एक डायरी मिली थी। इस डायरी से फर्जी डीड बनाने के मास्टरमाइंड मोहम्मद सद्दाम और जेएमएम नेता अंतु तिर्की के बीच लाखों के लेनदेन का खुलासा हुआ है। डायरी में इस बात का स्पष्ट रूप से जिक्र है कि वर्ष 2022 में सद्दाम और अंतु तिर्की के बीच फरवरी से अक्टूबर महीने के बीच 18 लाख 50 हजार से ज्यादा के लेनदेन हुए हैं। कई बार पैसों के लेनदेन बैंक के जरिये भी किये गये हैं। वहीं डायरी के एक पेज में यह भी लिखा हुआ है कि अंतु तिर्की को 2 लाख 18 हजार और देना है।
ED को 13 अप्रैल 2023 को छापेमारी के दौरान लैंड स्कैम से जुड़े जो सबसे अहम दस्तावेज मिला था, वह वर्ष 1940 में बनी एक डीड है, जिसकी डीड संख्या 3985 है। एजेंसी ने इस डीड की सत्यता की जांच भी करवायी, जिसमें यह बात सामने आयी कि यह डीड फर्जी प्रतीत होता है।
लैंड स्कैम केस में ED के लिए यह डीड एक ठोस आधार बनी है। यह डीड उसी भूमि के एक बड़े हिस्से की है, जिसपर फर्जी दस्तावेज के सहारे अवैध कब्जा करने आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल की सलाखों के पीछे हैं।
बता दें कि ED की टीम ने मंगलवार को अंतू तिर्की, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह और इरशाद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बुधवार को सभी आरोपियों को रांची PMLA (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट में पेश किया थाा।
गुरुवार को कोर्ट ने ईडी के आग्रह पर सभी आरोपियों से पांच दिनों तक पूछताछ करने की अनुमति दे दी. इन चारों अभियक्तों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
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