साहेबगंज। करीब 1250 करोड़ रुपए के अवैध पत्थर खनन मामले में फरार दाहू यादव की तलाश में ईडी ने फिर साहिबगंज में छापेमारी की। हालांकि वह ईडी के हाथ नहीं आया। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि दाहू यादव एक बार फिर साहिबगंज में सक्रिय हो गया है।
पत्थर खनन में फिर से जुट गया है। इसके बाद जांच एजेंसी की टीम ने साहिबगंज में खनन कंपनी सीटीएस उद्योग के दफ्तर में दबिश दी। इस कंपनी पर भी अवैध पत्थर खनन और परिवहन में लिप्त होने का आरोप है। दाहू के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी है।
वह इस मामले के मास्टरमाइंड पंकज मिश्रा का सहयोगी है।
दो साल से दाहू की तलाश में ईडीः
इससे पहले 8 जुलाई 2022 को जांच एजेंसी ने दाहू यादव और अवैध खनन से जुड़े लोगों के साहिबगंज, राजमहल, बड़हरवा, मिर्जा चौकी और बरहेट में 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 5.37 करोड़ रुपए कैश और बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपए जब्त किए गए थे।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने दाहू के साथ उसके भाई सुनील यादव, पिता पशुपति यादव और बेटे राहुल यादव को भी आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी ने इन तीनों को गिरफ्तार किया था।फिलहाल ये सभी जमानत पर हैं।
2022 से ही फरार है दाहूः
दाहू जुलाई 2022 से ही फरार है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2022 में उसे दो हफ्ते के भीतर पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था। लेकिन उसने सरेंडर नहीं किया। दाहू की तलाश में ईडी 25 से ज्यादा बार साहिबगंज में छापेमारी कर चुकी है।
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