जमशेदपुर : जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह को ईडी की कोर्ट से राहत मिली है। ईडी की कोर्ट ने उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। इसके साथ ही उसकी जब्त संपत्ति को भी मुक्त करने का आदेश दिया है। पीएमएलए कोर्ट के स्पेशल जस्टिस पीसी एटीएल जस्टिस आनंद कुमार की अदालत ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया।
दरअसल बिरसा नगर सृष्टि गार्डेन के फ्लैट संख्या 503 में पुलिस ने 29 मार्च 2017 को छापेमारी की थी। इस छापेमारी में पुलिस को अचल संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज मिले थे। सभी दस्तावेज अखिलेश की संपत्ति और उसके बैंक खातों से जुड़े थे। इस छापे और बरामदगी के बाद पुलिस ने ईडी को अखिलेश सिंह की संपत्ति जब्त करने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद जमशेदपुर के बिरसा नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉंड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इसके बाद 2 फरवरी 2018 को उसकी संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया गया था।
गौरतलब है कि पुलिस को छापेमारी में मिले दस्तावेज मनोज सिंह, संजय सिंह और अन्य के नाम से मिले थे लेकिन उसमें तस्वीर अखिलेश सिंह की थी। अखिलेश ने एमपी में संजय सिंह के नाम से प्रॉपर्टी खरीदी तो दिल्ली में अरविंद शर्मा के नाम से।
इसी तरह उसने दूसरे नामों से भी अन्य राज्यों में प्रॉपर्टी खरीदी। अखिलेश ने अपने ससुर के नाम से चुटिया के सिरमटोली में ओएके रेजिडेंसी में बी ब्लॉक में दो फ्लैट खरीदे। यही नहीं वह बनारस में ससुर के साथ मिलकर कुबेर कंस्ट्रक्शन नाम का फर्म चलाता था। अखिलेश ने पत्नी गरिमा सिंह का नाम बदलकर भी कई प्रॉपर्टी खरीदी है।





