रांची। ईडी ने बरियातू के बड़गाईं अंचल स्थित 8.5 एकड़ जमीन को अटैच कर लिया है। इसके साथ ही ही ईडी ने जमीन घोटाले मामले में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन, उनके मित्र विनोद सिंह, राजस्व अधिकारी भानु प्रसाद के अलावा हिलेरियस कच्छप और राजकुमार पाहन के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
बता दें कि यब जमीन घोटाले से जुड़ी है, जिसके मामले में हेमंत सोरेन समेत अन्य जेल में हैं। जमीन घोटाला मामले की जांच कर रही ईडी के अधिकारी 11 फ़रवरी को रांची के बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद को भौतिक सत्यापन के लिए बरियातू क्षेत्र में स्थित उस भूखंड पर ले गए थे।
भानु ने ईडी की टीम के समक्ष स्वीकार किया कि उसने इसी जमीन की मापी अमीन शशिंदर महतो के माध्यम से कराई थी।
भानु ने बताया कि उसे कहा गया था कि ‘बॉस’ की जमीन की मापी करनी है। उक्त जमीन कुल 12 प्लॉट में बंटी है। कौन सा प्लॉट किसके नाम पर है, इसकी जानकारी भी उसने ईडी को दी थी।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के केस में केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन (PC) दाखिल कर दी है।
शनिवार को रांची PMLA (प्रीवेन्शन ऑफ़ मनी लाउंड्रिंग एक्ट) के विशेष कोर्ट में ED के अधिकारियों ने प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन (PC) दाखिल की है।
लगभग साढ़े पांच हजार पन्नों की प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन (PC) जमा की गई है, जिसमें कोर्ट को यह विस्तृत जानकारी दी गई है कि लैंड स्कैम के जरिये हुये मनी लॉन्ड्रिंग में किसकी क्या भूमिका है।
ED ने जो PC दायर की है उसमें हेमंत सोरेन के साथ बड़गाईं अंचल के हल्का कर्मचारी भानु प्रताप, आर्किटेक्ट् विनोद सिंह, हिलेरीयस कच्छप और राजकुमार पाहन का नाम शामिल है।
ED की प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन (PC) पर कोर्ट जल्द ही संज्ञान ले सकता है। 21 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को PMLA कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने 5 अप्रैल तक उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है।
हेमंत सोरेन फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
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