रांची। डीएसपी प्रमोद मिश्रा मंगलवार को ईडी ऑफिस पहुंच गये हैं। इसके बाद ईडी के अधिकारीयों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
डीएसपी प्रमोद मिश्रा ने साहिबगंज में अपने पदस्थापन के दौरान बरहरवा टोल विवाद को लेकर दर्ज प्राथमिकी का सुपरविजन 24 घंटे के अंदर कर पंकज मिश्रा और आलमगीर आलम को क्लीन चिट दे दी थी।
टोल विवाद को लेकर दर्ज प्राथमिकी के जांच अधिकारी पूछताछ के दौरान ईडी के समक्ष यह स्वीकार कर चुके हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई।
प्रमोद मिश्रा से इससे पहले भी पूछताछ हो चुकी है। उन पर पंकज मिश्रा से न्यायिक हिरासत की अवधि में गलत तरीके से मिलने का भी आरोप है।
इससे पहले साहिबगंज में 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में डीएसपी प्रमोद मिश्रा से छह मार्च 2023 को ईडी ने पूछताछ की थी।
तब ईडी डीएसपी मिश्रा को चार बार समन भेज चुकी थी, लेकिन वे नहीं आये। इस समन के खिलाफ डीएसपी प्रमोद मिश्रा झारखंड हाईकोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने भी उन्हें एजेंसी के सामने हाजिर होने का आदेश दे दिया।
डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बड़हरवा टेंडर विवाद, मारपीट व धमकी मामले के दो मुख्य आरोपित मंत्री आलमगीर आलम व विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को महज 24 घंटे के भीतर बिना ठोस जांच के ही क्लीन चिट दे दी थी।
ईडी ने पुलिस की कई खामियों को पकड़ा और इसी मामले में उनका बयान लेना चाहती है।
कल होगी प्रीति कुमार से पूछताछ
बरियातू रोड स्थित बर्लिन अस्पताल के जमीन मामले में प्रीति कुमार से ईडी कल ( 20 मार्च) पूछताछ करेगी। इससे पहले उनसे बीते 12 जनवरी को ईडी पूछताछ कर चुकी है।
ईडी ने जमीन घोटाला मामले की जांच के दौरान पिछले साल 13 अप्रैल को बड़गाई अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप के घर पर रेड किया था।
उस दौरान भानु के घर से एक बड़े बक्से में भारी मात्रा में जमीनों के दस्तावेज मिले थे। रांची डीसी के आदेश पर इस मामले में सदर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
ईडी को जांच के क्रम में यह जानकारी मिली थी कि कई दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर और कुछ को गायब कर जमीनों की हेराफेरी की गई है।
इसी मामले की जांच के दौरान एजेंसी को बरियातू फायरिंग रेंज के पास की आठ एकड़ जमीन और बर्लिन अस्पताल की जमीन की भी जानकारी मिली थी।
यह जमीन प्रीति कुमार के नाम से है, जो आइएएस अविनाश कुमार की पत्नी हैं।
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