Draupadi Murmu February 26 visit
जमशेदपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 26 फरवरी को जमशेदपुर दौरा तय हो गया है। वे शहर में करीब चार घंटे रुकेंगी। इस दौरान प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। कदमा स्थित मरीन ड्राइव में मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन होगा।
रांची से हेलीकॉप्टर से पहुंचेगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति सुबह लगभग 11 बजे वायुसेना के विशेष विमान से Ranchi एयरपोर्ट पहुंचेंगी। इसके बाद हेलीकॉप्टर से वे सोनारी एयरपोर्ट आएंगी। वहां से उनका काफिला सर्किट हाउस गोलचक्कर और साई मंदिर मार्ग होते हुए सीधे कार्यक्रम स्थल तक जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे उनके पहुंचने की संभावना है।
मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम
श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंदिर का भूमि पूजन होगा। कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे चलेगा। इसके लिए विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें लगभग 1200 अतिथियों के बैठने की व्यवस्था होगी। बता दें आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था तीन श्रेणियों में की गई है। एक तरफ ट्रस्ट और आरएसबी ग्रुप के प्रतिनिधि बैठेंगे, दूसरी तरफ आमंत्रित विशिष्ट अतिथि और प्रशासनिक अधिकारी रहेंगे, जबकि पीछे की सीटें आम जनता के लिए आरक्षित होंगी। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही है।
सर्किट हाउस में भोजन और मेडिकल कॉलेज का दौरा
भूमि पूजन के बाद राष्ट्रपति सर्किट हाउस जाएंगी, जहां दोपहर का भोजन करेंगी। इसके बाद वे Tata Main Hospital – Tata Medical Center (टाटा मणिपाल मेडिकल कॉलेज) का भी दौरा करेंगी। शाम करीब चार बजे उनका प्रस्थान प्रस्तावित है।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। राष्ट्रपति के काफिले के रूट पर उनके एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के एक घंटे पहले से लेकर प्रस्थान के 15 मिनट बाद तक यातायात रोका जाएगा। कदमा टोल ब्रिज, सोनारी दोमुहानी पुल, सर्किट हाउस गोलचक्कर और साई मंदिर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। आम लोगों के लिए कागलनगर से दोमुहानी मार्ग को वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, मेडिकल, अग्निशमन, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर तय समय में कार्य पूरा करने को कहा है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।








