रांची : समय के साथ आदिवासी समाज अपने हक और अधिकारों के प्रति जागरूक हुआ है। लेकिन समाज के सभी वर्गों तक आज भी शिक्षा पहुंच नहीं पायी है।
शिक्षा से ही समाज में बदलाव संभव है और आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए सभी का शिक्षित होना जरूरी है। रविवार को ये बातें कोल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक डॉ अरुण उरांव ने कहीं। वे बाबा कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला तथा अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की ओर से आदिवासी निकाली गयी संकल्प रैली में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही अज्ञान का अंधेरा मिट सकता है। मांडर में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में यह रैली निकाली गयी। संकल्प रैली में समाज के पुरोधा, अमर शहीद योद्धाओं और महापुरुषों को याद किया गया। इसके अलावा शिक्षा को अंधविश्वास तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ हथियार बनाने का संकल्प लिया गया। रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।







